ममता बनर्जी के अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के नेता अरविंद केजरीवाल, डीएमके अध्यक्ष स्टालिन, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, जेएमएम के हेमंत सोरेन, जेवीएम के बाबूलाल मरांडी, हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी, नेशनल कांफ्रेंस के फारूख अब्दुल्ला, मोदी सरकार से हाल ही में इस्तीफा दे चुके रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व विदेश और वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी, पाटीदार आंदोलन समिति के हार्दिक पटेल, प्रख्यात पत्रकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी भी रैली के संबोधित करेंगे।
ये दल रहेंगे अनुपस्थित
आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल को निमंत्रण नहीं भेजा गया है। जबकि बीजू जनता दल अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी के रैली से अनुपस्थित रहने की संभावना है। टीआरएस अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को भी न्योता भेजा गया है लेकिन अभी तक उन्होंने स्वीकृति नहीं दी है।