कुंवरगांव थाने के गांव गर्रुइया के दो युवकों की बुलंदशहर में हत्या के मामले में बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को वनकोटा गांव के समीप मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन उठाने का प्रयास किया तो हालात बेकाबू हो गए।
ग्रामीणों ने पथराव करते हुए कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर खुलकर हाथ चलाए। बाद में अतिरिक्त फोर्स बुलाकर हवाई फायरिंग और बल प्रयोग कर हालात पर काबू पाया जा सका। लाठीचार्ज से कई ग्रामीण घायल हो गए, जबकि पथराव से एएसपी देहात मुन्ना लाल और सीओ बिल्सी समेत कई लोगों को चोटें आईं हैं।
गर्रुइया निवासी वीरपाल के 25 वर्षीय पुत्र मुकेश यादव और नवाब सिंह यादव के 27 वर्षीय पुत्र धीरपाल वजीरगंज के मुकेश वार्ष्णेय की दूध डेयरी पर नौकरी करते थे। दोनों सात मार्च को दूध भरा टैंकर लेकर खुर्जा गए थे। यहां टैंकर का दूध लूटने के बाद दोनों की हत्या कर दी गई। 10 मार्च को दोनों के शव शिकारपुर (बुलंदशहर) इलाके में काली नदी के पास बोरों में मिले थे।