गाय तस्करी पर जमकर पथराव (फाइल फोटो)
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गोरक्षकों और कुछ लोगों के बीच अवैध रूप से मवेशियों को ले जाने के कारण बुधवार को हैदराबाद के कर्मनघाट इलाके में तनाव पैदा हो गया। मामले ने इस कदर तूल पकड़ा कि दोनों ओर से विरोध और पथराव हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि उन्होंने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई घटनाओं के संबंध में पांच मामले दर्ज किए हैं और गोरक्षकों पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पथराव में पुलिस उप-निरीक्षक को गंभीर रूप से घायल करने के संबंध में गोरक्षकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
सात आरोपी हिरासत में
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए नागरिक और विशेष बलों के साथ मजबूत पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं। गोरक्षकों ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि जब उनके एक समूह ने मंगलवार की रात मवेशियों को ले जा रहे एक वाहन को रोका तो इन लोगों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। फिर इन लोगों ने अन्य आरोपियों को मौके पर बुलाया और एक मंदिर के परिसर तक गोरक्षकों का पीछा किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करते हुए सात लोगों को हिरासत में ले लिया।
पांच बछड़े बरामद
पुलिस ने आगे कहा कि उन्होंने अवैध रूप से मवेशियों को ले जाने वाले वाहन को जब्त कर लिया और बरामद पांच बछड़ों को एक गौशाला को सौंप दिया। इसी प्रकार मवेशियों को ले जा रहे वाहन के चालक द्वारा मारपीट की शिकायत के आधार पर गौरक्षकों के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज कर जांच की गई। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में हिंदू कार्यकर्ता मंदिर में एकत्र हुए और अन्य धर्मों के लोगों के परिसर में प्रवेश करने का विरोध करते हुए मुख्य सड़क पर यातायात को बाधित किया।
भीड़ के पथराव में पुलिस अधिकारी घायल
जब पुलिस ने अनियंत्रित भीड़ को शांत करने की कोशिश की तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। इसमें एक उप-निरीक्षक सहित कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। उप-निरीक्षक के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि भीड़ ने पथराव जारी रखा और पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जनजीवन बाधित किया और दहशत की स्थिति पैदा कर दी, हालांकि पुलिस भीड़ को शांत करने में सफल रही। राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश एम भागवत ने कहा कि पांच मामलों में जांच जारी है क्योंकि उन्होंने समुदाय से सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें नहीं फैलाने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की।