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सुखोई के प्लांट में बन सकते हैं पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट

Mon, 27 Nov 2017 05:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत जल्द पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान (एफजीएफए) बना सकता है। ये विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्लांट में बन सकते हैं, जहां सुखाई युद्धक विमान बन रहे हैं।
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के प्रमुख टी सुवर्ण राजू ने कहा, अगर सरकार प्रस्तावित भारत-रूस के संयुक्त उद्यम को आगे बढ़ाने की अनुमति देती है, तो एफजीएफए बन सकते हैं।

राजू के मुताबिक नासिक के प्लांट में पांचवीं पीढ़ी के जेट बनाने के लिए उसे नया आकार देना होगा। पर इसमें ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होगी।

दरअसल एफजीएफए और सुखोई 30एमकेआई की बनावट में काफी समानताएं हैं। इसलिए नासिक प्लांट एफजीएफए बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रूस और भारत करीब एक दशक से इस विमान के निर्माण की चर्चा कर रहे हैं। 
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राजू के मुताबिक जाहिर तौर पर नया विमान बनाने के लिए कुछ बदलाव करने होंगे। पर इसमें बहुत ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होगी।

दरअसल नासिक का यह प्लांट 35 और विमान बनाने के बाद 2020 तक बेकार हो जाएगा क्योंकि भारतीय वायु सेना के साथ कुल 222 विमान बनाने का समझौता पूरा हो जाएगा।

एफजीएफए की तारीफ करते हुए राजू ने कहा कि यह भारत के लिए उच्च तकनीक हासिल करने का बड़ा अवसर है क्योंकि रूस के अलावा किसी अन्य देश ने यह प्रस्ताव नहीं दिया। राजू के मुताबिक वह इस प्रोजेक्ट के खर्च को सही नहीं ठहरा रहे हैं। पर एक देश के रूप में हमें पांचवीं पीढ़ी के विमान की जरूरत है। और अगर कोई हमें यह तकनीक दे रहा है, तो हमें खर्च की परवाह न करते हुए उसे ग्रहण करना चाहिए। 

 
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2007 में अटक गई थी बात

भारत और रूस ने 2007 में एफजीएफए के लिए समझौता करने का प्रयास किया था। पर उस समय कोई महत्वपूर्ण फैसला नहीं लिया जा सका।

2010 में भी भारत ने विमान की प्राथमिक डिजाइन के लिए 1897 करोड़ रुपये देने को तैयार हो गया था। उस समय भी बात रुक गई। इसके बाद पिछले साल फरवरी में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने बातचीत शुरू कराई। 

1.61 लाख करोड़ रुपये का खर्च
रक्षा प्रतिष्ठानों का कहना है कि भारत को इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें 1.61 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। हाल में एक उच्च स्तरीय कमेटी ने प्रोजेक्ट के कई आयामों का अध्ययन कर रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपी है। मंत्रालय इस पर जल्द फैसला ले सकता है। 
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