महामारी की वजह से भारतीय रियल एस्टेट में इस साल जनवरी से अगस्त तक निजी इक्विटी निवेश में 85 फीसदी गिरावट रही। इस दौरान कुल निजी इक्विटी निवेश 6,500 रुपये रहा।
फिक्की और कोलियर इंटरनेशनल की रिपोर्ट
उद्योग संगठन फिक्की और कोलियर इंटरनेशनल ने बुधवार को बताया कि कोविड-19 के कारण रियल एस्टेट की मांग में कमी आई है और निवेशक भी सतर्कता बरत रहे हैं। पिछले साल की समान अवधि में क्षेत्र को 42.5 हजार करोड़ रुपये का निजी इक्विटी निवेश मिला था। 2020 में अभी तक सबसे ज्यादा 46 फीसदी निवेश डाटा सेंटर ने आकर्षित किया है।
इसके अलावा ऑफिस सेग्मेंट में 24 फीसदी (1500 करोड़), उद्योग-भंडारण क्षेत्र को 12 फीसदी, होटल को 9 फीसदी और हाउसिंग क्षेत्र को 8 फीसदी निवेश मिला है। कोलियर्स इंटरनेशनल के अनुसार, बाजार में अनिश्चतता बढ़ने से घरेलू और विदेशी दोनों ही निवेशक बेहद सावधानी बरत रहे हैं। अमूमन सबसे ज्यादा निवेश आकर्षित करने वाले हाउसिंग क्षेत्र को इस दौरान सबसे कम फंड मिला है। निवेशकों का ज्यादा जोर डाटा सेंटर पर है, जो नए तरह के बाजार को बढ़ा रहा है।