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मथुरा के अमर हास्पिटल में भ्रूण परीक्षण अड्डे का भंडाफोड़

Thu, 04 Aug 2016 03:44 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मथ्ाुरा
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भ्रूण परीक्षण
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मथुरा में बुधवार को राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम ने यमुना पार इलाके में स्थित अमर हास्पिटल में छापा मारकर भ्रूण लिंग परीक्षण के काले धंधे का खुलासा किया है। टीम ने यहां से एक नर्स समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान डाक्टर दिनेश कुमार ठेनुआं टीम को चकमा देकर फरार हो गया।
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अस्पताल से अल्ट्रासाउंड मशीन और कई उपकरण जब्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार महिला अलवर जिले से तीन महिलाओं को भ्रूण परीक्षण के लिए लेकर आई थी और उसे जीपीएस के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा था। डाक्टर के केबिन से एक तमंचा और चार कारतूस भी बरामद हुए हैं। 

राजस्थान की पीसीपीएनडीटी (प्री कंसेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक) टीम को विभागीय इंटेलीजेंस से सूचना मिल रही थी कि कुछ एजेंट राजस्थान से गर्भवती महिलाओं को मथुरा ले जाकर अमर हास्पिटल में भ्रूण का लिंग परीक्षण करा रहे हैं। बुधवार को अलवर जिले की तीन गर्भवती महिलाओं का अमर हास्पिटल में परीक्षण होने की पुख्ता जानकारी मिलने पर राजस्थान पीसीपीएनडीटी के एडिशनल एसपी रघुवीर सिंह और प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने टीम के साथ हास्पिटल पर छापा मारा।
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उस समय तक यहां एक महिला के भ्रूण की जांच हो चुकी थी। टीम ने अलवर से गर्भवती महिलाओं को लेकर आई अलवर निवासी महिला सीमा चौधरी और अस्पताल की नर्स स्नेहलता को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर विवेक मिश्रा ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर के तौर पर यह अस्पताल पंजीकृत नहीं है। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत राजस्थान में मामला दर्ज किया जाएगा। डाक्टर के खिलाफ अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत थाने पर मामला दर्ज कर लिया गया है। 
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कई राज्यों में फैला भ्रूण परीक्षण का डर्टी नेटवर्क

भ्रूण परीक्षण
भ्रूण के लिंग परीक्षण का डर्टी नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। राजस्थान की पीसीपीएनडीटी के हाथ जो सुराग लगे हैं उसके अनुसार कमीशन एजेंटों के माध्यम से भ्रूण की जांच कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इनका नेटवर्क है। गिरफ्तारियों के लिए दबिश दी जा रही है।

अभी तक जो सुराग पीसीपीएनडीटी को मिले हैं उसके अनुसार दस से पंद्रह हजार में भ्रूण के लिंग की जानकारी दी जा रही है। मथुरा के अमर हास्पिटल में ही अभी तक न जाने कितने भ्रूण की जांच की जा चुकी है। टीम में शामिल अफसरों का कहना है कि इस पूरे कारोबार में 50 से भी ज्यादा कमीशन एजेंट हैं।

गर्भवती महिलाओं को लाने वाली इन महिलाओं को एक से दो हजार रुपये तक दिए जाते हैं। राजस्थान के अलवर, भरतपुर और हिंडोन, दौसा और करौली तक इन महिलाओं का नेटवर्क है। हरियाणा के मेवात इलाके से भी बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं को उनके परिवार वाले भ्रूण परीक्षण के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।

इस बड़े नेटवर्क का खुलासा करने वाली टीम को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के 50 से ज्यादा अल्ट्रासाउंड सेंटर जांच के घेरे में हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में संचालित होने वाले इन सेंटरों पर मोटी रकम लेकर भ्रूण के बारे में बताया जा रहा है। कुछ झोलाछाप डाक्टर भी जांच के दायरे में आ रहे हैं। पीसीपीएनडीटी के अफसरों का कहना है कि छापामारी की जा रही है। अभी कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
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