फरवरी को आमतौर पर सर्दियों का अंतिम महीना माना जाता है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है।
महीने के पहले 15 दिनों में ही देश के अधिकतर हिस्सों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से ऊपर चला गया। 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 36 प्रमुख शहरों में से 27 में अधिकतम तापमान औसत से ज्यादा दर्ज किया गया, जबकि 20 राज्यों में कम से कम 10 दिनों तक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहा।
कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के कारण हुई कम सर्दी की बारिश और बेमौसमी गर्मी ने रबी फसलों, सब्जियों और पशुधन पर प्रतिकूल असर की आशंका बढ़ा दी है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा पर दोहरा दबाव बनता दिख रहा है। राजधानी और प्रमुख शहरी केंद्रों के तापमान आंकड़ों के अध्ययन में सामने आया कि फरवरी के पहले पखवाड़े में देश के बड़े हिस्से में गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। जिन राज्यों की राजधानी के आंकड़े उपलब्ध नहीं थे, वहां प्रमुख शहरों को शामिल किया गया। हरियाणा के लिए हिसार, पंजाब के लिए लुधियाना, जबकि चंडीगढ़ का अलग से विश्लेषण किया गया। अहमदाबाद, देहरादून, गुवाहाटी, इंफाल और रायपुर ऐसे शहर रहे जहां लगातार सभी 15 दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा।
उत्तर भारत में हालात चिंताजनक
- उत्तर भारत में तापमान की यह बढ़ोतरी खास तौर पर चिंताजनक रही। यहां 27 में से 15 शहरों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया।
- नई दिल्ली, जयपुर, जम्मू, हिसार, लुधियाना, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में अधिकतम तापमान कई बार 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।
- 15 फरवरी को नई दिल्ली में दिन का तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि लुधियाना में इसी दिन अधिकतम तापमान 4.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया।
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हिमालयी इलाकों तक पहुंची गर्मी
असामान्य गर्मी का असर केवल मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। शिमला, लेह, श्रीनगर, देहरादून, शिलांग, अगरतला और इंफाल जैसे हिमालयी और पूर्वोत्तर शहरों में भी तापमान औसत से काफी ऊपर चला गया। श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 7.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया, जबकि 15 फरवरी को शिमला में यह अंतर 4.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आईएमडी के अनुसार इस बार कई हिमालयी राज्यों में सर्दियां असामान्य रूप से शुष्क रहीं, जहां बारिश और बर्फबारी लगभग न के बराबर हुई।