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महाराष्ट्र: खाद्य सुरक्षा उल्लंघन पर FDA की कार्रवाई, 33 लोग गिरफ्तार; 27 प्रतिष्ठान सील

Thu, 28 May 2026 10:28 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, ठाणे (महाराष्ट्र)

सार

महाराष्ट्र में एफडीए ने मिलावटखोरों, प्रतिबंधित गुटखा बेचने वालों और अस्वच्छ खाद्य कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 लोगों को गिरफ्तार किया और 27 प्रतिष्ठानों को बंद किया। मुंबई, पुणे समेत कई जगहों पर छापेमारी में लाखों रुपये का अवैध और मिलावटी खाद्य सामान जब्त किया गया। पढ़िए रिपोर्ट-
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मिलावट के खिलाफ एफडीए की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्य के कई इलाकों में मिलावटखोरों, प्रतिबंधित गुटखा बेचने वालों और अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थ बनाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 27 प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 
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राज्यभर में छापेमारी अभियान
यह कार्रवाई 25 मई को मुंबई, कोंकण, पुणे, नासिक, अमरावती, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में की गई। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में  यह अभियान चलाया गया।

गुटखा और प्रतिबंधित पदार्थों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला से जुड़े 53 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें से 34 नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इस दौरान 25 प्राथमिकी दर्ज की गईं, 33 गिरफ्तारियां हुईं, पांच वाहन जब्त किए गए और 27 प्रतिष्ठानों को बंद किया गया। करीब 20.57 लाख रुपये का अवैध सामान भी जब्त किया गया। इसमें मुंबई संभाग में 19 गिरफ्तारियां शामिल हैं।
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जांच 
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (एफएसएसए) के तहत 23 अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें लगभग 28.78 लाख रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इनमें पैकेज्ड पानी, दूध, नूडल्स, कार्बोनेटेड पानी, खाद्य तेल, मिठाई, फरसान, आइसक्रीम, ताड़ी और घी शामिल हैं।

अलग-अलग जिलों में गंभीर अनियमितताएं
जलगांव के धरंगा तहसील में एक व्यक्ति को गाय के दूध में खाद्य तेल मिलाकर नकली दूध बनाने के आरोप में पकड़ा गया। पुणे के इंदापुर में आमों को रसायनों से कृत्रिम रूप से पकाने का मामला सामने आया। धुले में एक आटा मिल को बेहद अस्वच्छ हालात में मटर का आटा बनाते हुए पाया गया। मुंबई के धारावी में एक नूडल्स निर्माण इकाई को पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर दंडित किया गया, जबकि नासिक में बिना लाइसेंस के खाद्य उत्पादन करने वाली कई इकाइयों पर मामला दर्ज किया गया।

पालघर में भी बड़ी जब्ती
पालघर में एक आइसक्रीम निर्माण इकाई से अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए गए लाखों रुपये के स्टॉक को जब्त किया गया।

आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सख्त चेतावनी दी
आयुक्त तुकाराम मुंढे ने चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 के तहत अच्छे आचरण के बॉन्ड भरवाए जाएंगे और दोबारा अपराध पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी और कार्रवाई और भी सख्त की जाएगी।

एफडीए ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य मिलावट या गड़बड़ी की शिकायत सीधे विभाग को पूरी जानकारी के साथ दें। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्द ही एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे लोग आसानी से शिकायत दर्ज कर सकेंगे।

एफएसएसएआई ने आईआरसीटीसी को भेजा नोटिस
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई है।

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एफएसएसएआई के अनुसार, वीडियो में ट्रेन संख्या 12223 एलटीटी-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में कैटरिंग सेवा में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को ट्रेन के शौचालय के अंदर धोते हुए दिखाया गया है। आरोप है कि यह काम ऑनबोर्ड कैटरिंग सेवा से जुड़े कर्मचारियों और ठेका कर्मियों द्वारा किया जा रहा था।
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एफएसएसएआई ने कहा कि यह खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के तहत तय स्वच्छता और साफ-सफाई के नियमों का उल्लंघन है। इन नियमों के तहत खाद्य कारोबार संचालकों के लिए जरूरी है कि वे भोजन बनाने, संभालने, धोने और सफाई की प्रक्रिया को पूरी तरह स्वच्छ रखें, ताकि खाने और उससे संपर्क में आने वाली सतहों को दूषित होने से बचाया जा सके। प्राधिकरण ने आईआरसीटीसी से वीडियो में दिखाए गए मामले पर तथ्यात्मक टिप्पणी और स्पष्टीकरण मांगा है।
 
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