सीबीआई ने 11 जनवरी को एफसीआई में कथित भ्रष्टाचार के संदर्भ में 'ऑपरेशन कनक' शुरू किया था। चंडीगढ़ से डीजीएम-रैंक के एक अधिकारी को गिरफ्तार करने के बाद पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 50 स्थानों पर तलाशी ली गई थी।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है इसके साथ ही 30 अन्य का तबादला कर दिया गया है। यह कदम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) स्तर के एक अधिकारी को गिरफ्तार करने के बाद उठाया गया है। दरअसल, सीबीआई ने डीजीएम स्तर के एक अधिकारी को कथित रूप से निम्न गुणवत्ता वाले खाद्यान्नों की आपूर्ति की अनुमति देने के बदले निजी मिल मालिकों से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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खाद्य सचिव ने कही यह बात
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने गुरुवार को बताया कि निलंबन और तबादलों का आदेश इसलिए दिया गया है, ताकि जांच को किसी भी तरह से प्रभावित न होने दिया जाए। एफसीआई में जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम एफसीआई में होने वाली घटनाओं से बहुत चिंतित हैं। इसलिए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई ने छापेमारी की है। मुझे बताया गया है कि कुछ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है।
कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए: FCI
सचिव ने कहा कि प्रथम श्रेणी के चार अधिकारी, द्वितीय श्रेणी के आठ अधिकारी और तृतीय श्रेणी के 18 अधिकारियों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया है, ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। एफसीआई यह सुनिश्चित करेगा कि सभी दोषियों को सजा मिले और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
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50 स्थानों पर तलाशी ली गई थी
सीबीआई ने 11 जनवरी को एफसीआई में कथित भ्रष्टाचार के संदर्भ में 'ऑपरेशन कनक' शुरू किया था। चंडीगढ़ से डीजीएम-रैंक के एक अधिकारी को गिरफ्तार करने के बाद पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 50 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, एफसीआई अधिकारियों के एक संगठित सिंडिकेट ने निजी मिलों से गोदामों में उतारे गए प्रति ट्रक के लिए 1,000 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक की रिश्वत ली, ताकि उनके द्वारा आपूर्ति किए गए कम गुणवत्ता वाले अनाज को छुपाया जा सके और अन्य लाभ दिए जा सकें।