अमेरिकी संघीय जांच एसेंजी एफबीआई इस साल 19 मार्च और 2 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए हमलों की तेजी से जांच कर रही है। एफबीआई प्रमुख क्रिस्टोफर रे ने मंगलवार को दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक दिनकर गुप्ता को यह जानकारी दी। वहीं, गुप्ता ने रे के नेतृत्व में मंगलवार को एनआईए मुख्यालय का दौरा करने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को बताया कि आतंकवादियों और गैंगस्टरों का गठजोड़ 'अमेरिका में भी फैल रहा है'।
दूतावास पर हमले समेत साइबर अपराध जैसे कई मुद्दों पर हुई चर्चा
एनआईए के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने एक उच्च स्तरीय एफबीआई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए मंगलवार को एनआईए मुख्यालय का दौरा किया और एनआईए महानिदेशक दिनकर गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। इस दौरान, आतंकवादी-संगठित आपराधिक नेटवर्क के कृत्यों और गतिविधियों, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले में अमेरिका में चल रही जांच, विभिन्न प्रकार के आतंक और साइबर अपराध की जांच सहित कई मुद्दों पर स्पष्ट और व्यापक चर्चा हुई'।
रे ने एनआईए को यह भी बताया कि एफबीआई सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की आक्रामक जांच कर रही है। वाणिज्य दूतावास पर 2 जुलाई को खालिस्तान समर्थकों द्वारा हमला किया गया था, जिन्होंने कनाडा में अलगाववादी खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दूतावास को जलाने की भी कोशिश की थी।
19 मार्च को समूह ने किया था हमला
इससे पहले 19 मार्च को खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया था और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था। नारे लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस द्वारा लगाए गए अस्थायी सुरक्षा अवरोधों को तोड़ दिया और वाणिज्य दूतावास परिसर के अंदर दो तथाकथित खालिस्तानी झंडे लगा दिए। वाणिज्य दूतावास के दो कर्मियों ने जल्द ही इन झंडों को हटा दिया।
गुप्ता ने भारतीय पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में एक महत्वपूर्ण भागीदार होने के लिए एफबीआई को धन्यवाद दिया। दोनों एजेंसियां प्रशिक्षण ट्रैक पर अपनी बातचीत और सहयोगात्मक पहल बढ़ाने का पता लगाने पर सहमत हुईं।
साइबर अपराध व आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी बढ़ाने पर दिया जोर
एक अधिकारी ने कहा, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले और साइबर-आतंकवाद एवं विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की जांच के मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। रे की यात्रा दुनिया भर में आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने के लिए अमेरिका और भारत की राष्ट्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग और साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
एनआईए के महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने संगठित आपराधिक सिंडिकेट के सदस्यों के साथ आतंकवादी संगठनों और आतंकवादी तत्वों के बीच सक्रिय सांठगांठ पर प्रकाश डाला। रे ने कहा कि दोनों एजेंसियों में बहुत समानता है और समानताएं मतभेदों से कहीं अधिक हैं। आतंकियों और अपराधियों के बीच सांठगांठ अब साइबर स्पेस में भी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 9/11 और मुंबई हमलों जैसी आतंकवादी घटनाओं ने आतंकवादी खतरों से निपटने के देशों के तरीके को बदल दिया है।
आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए हो रही साइबर अपराधों में वृद्धि
रे ने कहा कि आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए साइबर अपराधों में वृद्धि हो रही है। साइबर खतरे के इस विकास को साइबर खतरे के मामलों की जांच के लिए एक संयुक्त प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। बैठक के दौरान एन्क्रिप्शन एप्स से डाटा प्राप्त करने में दुनिया भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर भी चर्चा हुई।