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16 वर्षीया नाहिद आफरीन के गाने के खिलाफ 46 मौलवी, फतवा किया जारी

Thu, 16 Mar 2017 07:12 AM IST
amarujala.com- presented by : हर्षित गौतम
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असम में कट्टरपंथी मौलवियों ने इंडियन आइडल फाइनलिस्ट नाहिद आफरीन के खिलाफ फतवा जारी किया है। मौलवियों ने सार्वजनिक मंच पर लोगों का मनोरंजन करने को शरीयत के खिलाफ करार दिया है। असम में पहली बार इस तरह के फतवे के जरिये 16 वर्षीया नाहिद आफरीन को फाइनल में हिस्सा लेने से बचने की हिदायत दी गई है। 
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असम में पर्चा बांट कर यह फतवा जारी किया गया है। होजाई और नगांव जिले में बंटे पर्चे असमिया में छापे गए हैं। इस पर्चे में 46 मौलवियों, संगठनों और लोगों के नाम हैं। पर्चे को नाहिद को इंडियन आइडल के फाइनल से दूर रहने की हिदायत देते हुए कहा गया है कि इस तरह के मनोरंजन के कार्यक्रम नई पीढ़ी को भ्रष्ट करेंगे। अगर नई पीढ़ी के लोगों ने इस तरह के कार्यक्रम जारी रखे तो उन पर अल्लाह का कहर बरपेगा। 

पर्चे में कहा गया है जादू, नृत्य, नाटक थियेटर शरीयत के खिलाफ हैं। अगर शरीयत का उल्लंघन कर मस्जिद, ईदगाह, मदरसों और कब्रिस्तान से घिरे मैदान में म्यूजिकल नाइट का आयोजन किया जाता है तो लोगों पर अल्लाह का कहर टूट पड़ता है। 
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मैं गाना नहीं छोड़ूंगी : नाहिद

demo pic - फोटो : अमर उजाला
नाहिद के खिलाफ फतवे के बाद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उसे फोन कर उसकी सुरक्षा की गारंटी दी है। हाल में नाहिद ने आतंकवाद और खूंखार आतंकी संगठन आईएस के खिलाफ गाने गाए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या नाहिद के खिलाफ इसलिए तो फतवा जारी नहीं किया गया है।

दसवीं क्लास की छात्रा और म्यूजिक सनसनी नाहिद को नगांव जिले के उदाली सोनाई बीवी कॉलेज में 25 मार्च को आयोजित म्यूजिकल शो में हिस्सा लेना है। नाहिद ने सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म अकीरा से बॉलीवुड गायन की शुरुआत की है।  

मैं गाना नहीं छोड़ूंगी : नाहिद
फतवे की खबर सुन कर पहले तो नाहिद रो पड़ी। लेकिन तुरंत ही संभलते हुए कहा- मेरा मानना है कि संगीत मेरे लिए खुदा की सौगात है। मैं ऐसे फतवों के आगे झुकने वाली नहीं। मैं गाना कभी नहीं छोड़ूंगी। उसने कहा कि संगीत इस्लाम के खिलाफ नहीं है। मेरा गायन खुदा की सौगात है और मेरा मानना है कि इसका सही तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए। ऐसा न करना खुदा को नजरअंदाज करना होगा। मेरे पिता का कहना है कि हमारे धर्मगुरुओं ने कहा है कि मैं गा सकती हूं। असम में अल्पसंख्यक समुदाय के कई जानी-मानी हस्तियों ने नाहिद का समर्थन किया है। छात्रों और उल्फा के एक धड़े ने भी नाहिद का समर्थन किया है। 
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