एक साल से अधिक समय तक आईएस के कब्जे में रहे कैथोलिक पादरी टॉम उझुनैल गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। वो आज सुबह दिल्ली ही पहुंचे हैं। पादरी को यमन में आतंकी संगठन आईएस ने 4 मार्च 2016 को अपहरण कर लिया गया था।
आज दिल्ली पहुंचे फादर टॉम ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं, भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मैं आज ये दिन देख रहा हूं। जिन्होंने मेरे लिए काम किया मैं उनका शुक्रगुजार हूं।
पादरी टॉम ने आगे कहा कि ईश्वर के पास सभी के लिए एक मिशन होता है और मेरा मिशन बूढ़े और मरते हुए लोगों के लिए खड़े रहना है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जिन्होंने मुझे कैद कर रखा था मैंने उनके लिए भी प्रार्थना की थी क्योंकि उन्होंने मुझे खाने को दिया और मुझे किसी तरह की शारीरिक क्षति भी नहीं पहुंचाई।
फादर टॉम आज सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट से सुबह दिल्ली पहुंचे। फादर को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट रिसीव करने के लिए केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अलफोंसे कन्नमथनम, केसी वेणुगोपाल, जोस के मणि के साथ उनके कुछ परिवार वाले पहुंचे।
Fr. Tom Uzhunnalil, who was recently rescued from captivity in Yemen met PM @narendramodi. pic.twitter.com/2OxWX52zSS
— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2017
खुश दिख रहे फादर टॉम ने कहा कि मैं अपने देश वापस आकर बहुत खुश हूं, मैं सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं। विश्व का कल्याण हो। फादर टॉम को लंबे प्रयास के बाद ओमान और यमन सरकार की सहायता से रिहा कराया गया। पिछले साल मार्च में यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में मिशनरियों द्वारा संचालित एक वृद्धाश्रम पर आईएस के जिहादियों ने हमला बोल दिया था, जिसमें चार नन समेत 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से टॉम उझुन्नैल लापता थे।
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भारत सरकार तब से उनकी रिहाई के लिए प्रयासरत थी। पादरी की रिहाई के सूचना देते हुए विदेश मंत्री ने लिखा था मुझे यह सूचना देने में खुशी हो रही है कि फादर टॉम उझुन्नैल को मुक्त करा लिया गया है। देर शाम सुषमा ने जानकारी दी कि फादर उझुन्नैल वेटिकन पहुंच गए हैं।