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IAS Pooja Khedkar: 'पूजा गैर-क्रीमी लेयर OBC, विकलांगता प्रमाण पत्र गलत नहीं'; बेटी के बचाव में पिता का दावा

Sun, 14 Jul 2024 11:56 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

पुणे में अपनी पोस्टिंग के दौरान 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा खेड़कर हाल ही में अपनी निजी ऑडी कार पर बिना अनुमति लाल-नीली बत्ती लगाने को लेकर चर्चा में आईं थीं। पूजा पर पुणे में बतौर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी रहते हुए शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप है। 
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आईएएस अधिकारी पूजा खेड़कर की ऑडी कार और घर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेड़कर के पिता दिलीप खेड़कर ने रविवार को उनका बचाव किया। दिलीप ने जोर देकर कहा कि पूजा ने कुछ भी अवैध नहीं किया है। पूजा पर सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए फर्जी विकलांगता और ओबीसी प्रमाणपत्रों का उपयोग करने का आरोप है। 
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पुणे में अपनी पोस्टिंग के दौरान 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हाल ही में अपनी निजी ऑडी कार पर बिना अनुमति लाल-नीली बत्ती लगाने को लेकर चर्चा में आईं थीं। पूजा पर पुणे में बतौर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी रहते हुए शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पूजा ने अपनी नियुक्ति के बाद ही अलग केबिन और स्टाफ की कथित मांग सहित तरह-तरह की सुविधाएं मांगनी शुरू कर दीं, जो प्रशिक्षु अधिकारियों को नहीं मिलती हैं। विवाद के बाद उन्हें प्रशिक्षण पूरा होने से पहले पुणे से वाशिम जिले में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत आठ लाख रुपये से कम वार्षिक आय और दृष्टिबाधित श्रेणियों के तहत सिविल सेवा परीक्षा देकर और मानसिक बीमारी प्रमाण पत्र जमा करके आईएएस में एक पद हासिल करने के अधिक आरोपों का सामना करना पड़ा।

महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कर्मचारी और पूजा के पिता दिलीप खेडकर, जिन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था और अपने चुनावी हलफनामे में 40 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी, ने रविवार को एक मराठी चैनल को बताया कि वह वास्तव में गैर-क्रीमी लेयर से संबंधित हैं। भले ही सीमित साधनों वाले व्यक्ति के पास 4-5 एकड़ जमीन हो, मूल्यांकन से पता चल सकता है कि उसकी कीमत कई करोड़ रुपये है। दिलीप ने कहा, हालांकि, क्रीमी लेयर के रूप में वर्गीकरण (संपत्ति) मूल्यांकन के बजाय आय पर निर्भर करता है।
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दिलीप ने कहा, पुणे कलेक्टर कार्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान पूजा ने आधिकारिक काम के लिए लक्जरी कार का इस्तेमाल किया क्योंकि कोई सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं था। उसने प्रशासन में अपने वरिष्ठों से उचित अनुमति लेकर ऐसा किया। कार उसके रिश्तेदार की है। उसने लालबत्ती लगाकर किसी को धोखा नहीं दिया।

ऑडी कार को पुलिस ने किया जब्त
प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की ऑडी कार को रविवार को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पूजा ने इसी कार पर बिना अनुमति लाल बत्ती लगवाई थी और महाराष्ट्र सरकार लिखवाया था। पुणे आरटीओ के मुताबिक ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पहले भी यातायात नियमों का उल्लघंन कर चुकी हैं। कार का 21 बार चालान हो चुका है। अधिकारी कार को जब्त करने के बाद दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।

कोविड-19 के कारण कुछ चेकअप से चूकी पूजा
दिलीप ने कहा, पूजा ने अपने वरिष्ठ से उचित अनुमति लेकर केबिन का उपयोग किया। क्या ऐसा कहीं लिखा है कि एक युवा इंटर्न महिला आईएएस को अलग केबिन नहीं दिया जाना चाहिए? अगर लिखा होगा तो मैं उसे नौकरी से इस्तीफा दिला दूंगा। विकलांगता प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग के आरोपों के बारे में दिलीप ने कहा कि सरकार किसी व्यक्ति की विकलांगता निर्धारित करने के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है और उनकी बेटी मानदंडों पर खरी उतरती है। उन्होंने कहा कि कई विकलांगताएं दिखाई नहीं देतीं, लेकिन चिकित्सा परीक्षणों के माध्यम से पहचानी जाती हैं। कोविड-19 महामारी के कारण, वह कुछ चेकअप से चूक गईं।

पत्नी मनोरमा का भी दिलीप ने किया बचाव
दिलीप ने पूजा की मां मनोरमा का भी बचाव किया, जो एक पुराने वीडियो में भूमि विवाद को लेकर कथित तौर पर कुछ लोगों को बंदूक से धमकाते हुए देखी गई थीं। मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप और मनोरमा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले को लेकर दिलीप ने कहा, मीडिया और अन्य लोग केवल एक वीडियो क्लिप दिखा रहे हैं। उस घटना से एक दिन पहले, एक स्थानीय व्यक्ति आक्रामक रूप से छड़ी लेकर उसके पास आया। ऐसे में क्या उन्हें चुप रहना चाहिए था? उसके पास आत्मरक्षा के लिए बंदूक रखने का लाइसेंस है।

घर के बाहर पुलिस ने चस्पा किया नोटिस
बंदूक लहराकर किसान को धमकाने के मामले में पुलिस ने पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस नोटिस को पूजा के घर के बाहर चस्पा किया गया। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि नोटिस लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके लिए नोटिस को घर के बार चिपका दिया गया है। मनोरमा खेडकर को 10 दिन में जवाब देना होगा। 

नियुक्ति की होगी जांच
विवाद के बाद पूजा की नियुक्ति को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे लेकर केंद्र ने गुरुवार को उनकी नियुक्ति की जांच के लिए महाराष्ट्र कैडर के 2023-बैच के आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति का गठन किया है। खेडकर की उम्मीदवारी और अन्य विवरणों की जांच एडिशनल सचिव रैंक के अधिकारी करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दोषी पाए जाने पर खेडकर को सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। 
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