तमिलनाडु में पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मौत
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तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पुलिस हिरासत में एक पिता और उसके बेटे की मौत हो गई। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार से न्याय की अपील की है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि पुलिस की बर्बरता एक भयानक अपराध है। यह एक त्रासदी है जब हमारे रक्षक ही उत्पीड़क बन जाते हैं। मैं पीड़ितों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार से अपील करता हूं।
बता दें कि पुलिस ने तूतीकोरिन में पिता और उसके बेटे को निर्धारित समय के बाद भी मोबाइल की दुकान खोले रखने पर 19 जून को गिरफ्तार किया था। चार दिनों के बाद दोनों की अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पिता और बेटे की हिरासत में खूब पिटाई की थी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा की गई मारपीट और हिंसा के निशान मृतकों के शरीर पर थे। घर वालों की मांग है कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। पिता-पुत्र की मौत के बाद राज्य में राजनीति गर्माने लगी है। विपक्षी दल डीएमके ने इस घटना पर एआईएडीएमके सरकार पर हमला बोला है।
डीएमके ने पूछा है कि सरकार ने इस घटना में पुलिस को कानून अपने हाथ में कैसे लेने दिया? साथ ही डीएमके ने मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये देने की भी घोषणा की है। डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा, कथित तौर पर पुलिस द्वारा दो लोगों को जो यातना दी गई है ये राज्य सरकार द्वारा पुलिस को अपने हाथ में कानून लेने दिए जाने का नतीजा है।
दोनों की मौत के बाद चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने घटना पर दुख जताया लेकिन यातना दिए जाने की बात पर उन्होंने ने चुप्पी साध ली। सीएम ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये और नौकरी देने की बात कही है। सांसद कनिमोझी ने मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है।