अब फास्टैग यूजर वाहन पर लगा स्टिकर बदले बिना अपना बैंक बदल सकेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में वनटैग सुविधा शुरू की। इसके तहत यूजर अपना मौजूदा फास्टैग दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे। टैग, टैग आईडी और वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहेगा। वनटैग को इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने मिलकर विकसित किया है।
अभी बैंक बदलने के लिए पुराने फास्टैग को बंद कर नया खाता खोलना और नया स्टिकर लेना पड़ता है। वनटैग से यह प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। यह सुविधा एनएचएआई के राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए मिलेगी। बैंक बदलने के लिए यूजर की पात्रता और पहचान की जांच होगी। इसके बाद यूजर अपनी पसंद का नया बैंक चुनकर प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। पुराने बैंक की जिम्मेदारी पुराने वॉलेट के रिफंड और लंबित लेनदेन का निपटारा करने की होगी। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद नया बैंक फास्टैग की सेवाएं संभालेगा।
टोल प्लाजा पर व्यवस्था पहले जैसी रहेगी
वनटैग से टोल प्लाजा की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। फास्टैग से टोल भुगतान पहले की तरह एनईटीसी नेटवर्क के जरिए ही होगा। टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को कोई नई प्रक्रिया नहीं अपनानी होगी। एनपीसीआई नए बैंक की जानकारी एनईटीसी नेटवर्क में अपडेट करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस सुविधा से बार-बार नए फिजिकल फास्टैग बनाने, भेजने और दोबारा जारी करने की जरूरत कम होगी। इससे संसाधनों की भी बचत होगी।
भारत में फास्टैग की पहुंच 98 फीसदी से ज्यादा है। अब तक करीब 13 करोड़ एनईटीसी फास्टैग जारी किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 6 करोड़ सक्रिय हैं। फास्टैग रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन तकनीक से काम करता है। टोल प्लाजा से गुजरते समय जुड़े खाते से टोल राशि अपने आप कट जाती है।
फास्टैग से सरकार को हर साल 25 हजार करोड़ तक फायदा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह लागू होने से सरकार को हर साल 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल बूथ बैरियर-फ्री कर दिए जाएंगे।
गडकरी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में कहा कि फास्टैग के इस्तेमाल से टोल बूथों की आय में करीब 10 फीसदी यानी 7,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे टोल से होने वाली आय अब 82,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि जिन टोल बूथों पर बैरियर-फ्री व्यवस्था का परीक्षण चल रहा है, उससे भी 10 फीसदी यानी 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
टोल बूथ चलाने की परिचालन लागत भी घटकर 2-3 फीसदी रह गई है, जो पहले करीब 12 फीसदी थी। गडकरी ने कहा कि इस साल दिसंबर के अंत तक 70 फीसदी से ज्यादा टोल बूथ बैरियर-फ्री हो जाएंगे। मार्च 2027 तक सभी टोल बूथों को इस व्यवस्था में लाने का लक्ष्य है। फास्टैग से वाहन चालकों को समय और ईंधन की भी बचत हो रही है। गडकरी ने कहा कि अध्ययनों के मुताबिक सिर्फ ईंधन खर्च में हर साल 5,250 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है। गडकरी ने तकनीक क्षेत्र से ट्रकों में ओवरलोडिंग का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के माल ढुलाई क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी है और सरकार इस दिशा में काम करेगी।