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फारुक अब्दुल्ला ने कहा- मुझे किया गया था नजरबंद, शाह बोले- अपनी मर्जी से हैं घर में

Tue, 06 Aug 2019 08:14 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फारुख अब्दुल्ला - फोटो : social media
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जम्मू-कश्मीर के पू्र्व सीएम फारुक अब्दुल्ला को लेकर पैदा हुआ सस्पेंस आज खत्म हो गया है। संसद में उठे सवालों के बीच वह श्रीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें भी नजरबंद किया गया था।

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फारुक ने कहा कि मुझे घर से बाहर नहीं जाने दिया गया, अस्पताल भी नहीं जाने दिया गया था। लेकिन जब मैंने गृह मंत्री का बयान सुना कि मैं हिरासत में नहीं हूं, तो मैं बाहर आया। मैं देश से कहना चाहता हूं कि मुझे बंद किया गया था। मैं घर से निकल नहीं सकता था, कहीं जा नहीं सकता था। जब मेरा राज्य ही जला दिया जा रहा हो, मेरे लोगों को जेल में डाला जा रहा हो तो मैं घर में क्यों रहूंगा।ये वो भारत नहीं है जिसपर मुझे भरोसा है।   

श्रीनगर में टीवी चैनलों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि जैसे ही दरवाजे खुलेंगे, हमारे लोग बाहर निकलेंगे, हम लड़ेंगे, हम अदालत जाएंगे। हम बंदूक चलाने वाले नहीं हैं, ग्रेनेड फेंकने वाले नहीं हैं, पथराव करने वाले नहीं हैं, हम चीजों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास करते हैं। 81 वर्षीय अब्दुल्ला ने भावुक होते हुए कहा, वे हमारी हत्या करना चाहते हैं, हम तैयार हैं, मेरा सीना तैयार है, यहां गोली मारिए, मेरे पीठ में नहीं। 
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उन्होंने संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान का विरोध किया कि वह न तो हिरासत में हैं, न ही गिरफ्तार हुए हैं और अपनी मर्जी से घर में हैं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया से बात करने के लिए वह दरवाजा तोड़कर बाहर निकले हैं।




 
उमर अब्दुल्ला के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह हरिनिवास गेस्ट हाउस में हैं, कोई उनसे मिल नहीं सकता है। 

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद फारुक अब्दुल्ला का ये पहला सार्वजनिक बयान है। चर्चा थी कि उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। इसे लेकर संसद में भी हंगामा मचा कि आखिर वह कहां हैं। लेकिन फारुक ने सामने आकर पूरा मामला साफ कर दिया। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने ये मामला सदन में उठाया। 
 

अमित शाह का बयान

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा- मैं चौथी बार कह रहा हूंं कि फारुक अब्दुल्ला को न तो नजरबंद किया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। अगर वह ठीक नहीं हैं तो डॉक्टर उन्हें अस्पताल ले जाएंगे। सदन को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। अगर वह स्वस्थ नहीं होते तो बाहर नहीं आते। 
 

लोकसभा में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सदन में फारुख अब्दुल्ला की अनुपस्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस नेता का कहना है कि उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। इस पर अमित शाह ने कहा कि वह घर से बाहर ही नहीं आना चाहते, उन्हें बाहर नहीं आना तो कनपटी पर गन रखकर बाहर नहीं ला सकते। 

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