किसान मामलों के जानकार चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह का भी कहना है कि केंद्र सरकार जिद पर अड़ी है। किसान भी अपनी मांग पर अड़े हैं। केन्द्र सरकार किसानों के मामले का समाधान करने में रुचि नहीं दिखा रही है। किसानों के साथ केवल दिखावे के लिए बात करने से समाधान नहीं निकलेगा। केन्द्र सरकार को समझना चाहिए कि किसानों ने कड़ाके की ठंड, बारिश सब झेल ली है।
वह भी बिना अपनी मांग का निराकरण किए लौटने वाले नहीं हैं। चौधरी हरपाल सिंह कहते हैं कि यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी सरकारें किसानों की मांग और आंदोलन पर जिद करती रही हैं। पहले कई सरकारों ने अपनी जिद छोड़ी है, लेकिन यह सरकार थोड़ी ज्यादा जिद्दी है।