सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : जी पाल
दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन 21वें दिन में प्रवेश कर गया है। बुधवार को दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों को तुरंत हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता ने शाहीन बाग मामले का हवाला दिया। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, 'कानून-व्यवस्था के मामले में कोई मिसाल नहीं दी जा सकती है।'
दरअसल, सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता से पूछा, क्या आप चाहते हैं कि सीमाओं को खोल दिया जाए। इस पर वकील ने कहा कि शीर्ष अदालत ने शाहीन बाग मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि प्रदर्शनों के दौरान सड़कों को जाम नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, सुनवाई के दौरान बार-बार वकील द्वारा शाहीन बाग का हवाला देने पर मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें टोक दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि शाहीन बाग में कितने लोगों ने रास्ता रोका था? कानून व्यवस्था के मामलों में मिसाल नहीं दी जा सकती है।
अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के साथ आपकी बातचीत से अभी तक स्पष्ट रूप से कोई लाभ नहीं हुआ है। केंद्र ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के खिलाफ कुछ नहीं करेगी।
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र और पंजाब-हरियाणा की राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई कल होगी। गौरतलब है कि किसान संगठनों द्वारा दिल्ली से सटी सीमाओं पर 21 दिन से प्रदर्शन जारी है।