किसानों ने एक फरवरी को बजट पेश करने के दौरान संसद भवन के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। हालांकि बाद में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसे टाल दिया था, मगर सरकार को यह डर लगा रहा कि हो सकता है, किसान अपनी बात पर कायम न रहे।
किसान, नई दिल्ली तक न पहुंच सकें, इसके लिए दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने जबरदस्त नाकेबंदी की थी। दिल्ली मेट्रो ने सोमवार सुबह बहादुरगढ़ के तीन मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए। इसके बाद टीकरी बॉर्डर स्टेशन को भी बंद कर दिया गया।
रोहतक, भिवानी, जींद, हिसार, फतेहाबाद और झज्जर आदि जिलों से दिल्ली आने वाले हजारों यात्री उस वक्त हैरान रह गए, जब उन्होंने देखा कि बहादुरगढ़ सिटी के सभी मेट्रो स्टेशन बंद हैं। बस स्टैंड के नीचे दर्जनों बसों का जमावड़ा लग गया।
चूंकि मेट्रो के सभी गेट बंद थे, इसलिए दिल्ली की ओर से जाने वाली सवारियां भी बहादुरगढ़ नहीं पहुंच सकीं। लोगों को दिल्ली आने के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। इस अफरातफरी की मुख्य वजह लोगों को समय पर सूचना न मिलना रहा। हरियाणा सरकार ने राज्य के अधिकांश जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर रखी थी, इसलिए मेट्रो के ट्वीटर पर डाली गई सूचना उन तक नहीं पहुंच सकी।
सप्ताह का पहला दिन होने के कारण सोमवार को यात्रियों की भारी संख्या दिल्ली की तरफ आती है। इनमें सरकारी कर्मियों के अलावा, प्राइवेट कामगार और दुकानदार भी शामिल हैं। हरियाणा के कई जिलों ने आने वाले व्यक्ति बहादुरगढ़ से मेट्रो ट्रेन में चढ़ते हैं।
ब्रिगेडियर होशियार सिंह, यह बहादुरगढ़ लाइन पर अंतिम मेट्रो स्टेशन हैं। सुबह दस बजे के बाद इसे अचानक बंद कर दिया गया। नतीजा, यहां पर लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि जब ऊपर से आदेश आएंगे तो गेट खोल दिए जाएंगे।
इसके बाद लोग बहादुरगढ़ सिटी मेट्रो स्टेशन पर पहुंचे। वहां भी मेट्रो के सारे गेट बंद मिले। उन्हें बताया गया कि वे टीकरी बॉर्डर चले जाएं। चूंकि बहादुरगढ़ बस स्टैंड से आगे सड़क पर किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉली खड़े हैं, इसके चलते वहां कोई प्राइवेट वाहन भी नहीं जा रहा था।
दिल्ली के रोहिणी में आ रहे अंकित गोयल और रामनाथ नागपाल बताते हैं कि यात्रियों ने यह सोचकर कि तीसरा मेट्रो स्टेशन जो कि पंडित श्रीराम शर्मा है, वहां तक पैदल चलना शुरु कर दिया। वहां जाकर देखा तो उन्हें मालूम हुआ कि यह स्टेशन भी बंद कर दिया है।
किसी के फोन में भी इंटरनेट नहीं चल रहा था, इसलिए उन्हें मालूम नहीं था कि आगे वाला स्टेशन भी बंद कर दिया गया है। इसके बाद चौथे स्टेशन टीकरी बॉर्डर पहुंचे तो वहां भी बेरिकेड लगाए गए थे। वह भी बंद मिला।
टीकरी के व्यस्त बाजार से गुजरते हुए लोग टीकरी कलां के स्टेशन तक पहुंचे। यह पांच किलोमीटर की दूरी लोगों ने पैदल ही पूरी की। टीकरी कलां स्टेशन पर मेट्रो के फेरों में बदलाव किया गया था, इसलिए वहां यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।