एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, ग्रेटा थगबर्ग द्वारा गलत तरीके से साझा किए गए भारत विरोधी दस्तावेजों से पता चलता है कि रिहाना और अन्य विदेशी सेलिब्रिटी ने यूं ही नहीं ट्वीट किए थे, ये लोग भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल करने के लिए चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा थे। इस तरह के सभी बयानों /ट्वीट्स को भारत और विदेश में नियोजित और प्री-स्क्रिप्टेड अभियान के रूप में इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस टूलकिट की जांच शुरू कर दी है।
टूलकिट में निर्देश - कैसे, कब और क्या करना है...
केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि ग्रेटा थनबर्ग के डिलीट किए गए ट्वीट से भारत के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की साजिश का खुलासा हुआ है। सिंह ने कहा कि उन दलों की जांच करने की आवश्यकता है, जो इस बुरी मशीनरी जाल में उलझ रहे हैं। सिंह ने कहा कि टूलकिट में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 'कैसे', 'कब' और 'क्या' करना है, इसकी पूरी जानकारी दी गई है।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि किसानों आंदोलन के समर्थन में थनबर्ग ने जो टूलकिट ट्वीट किया, वह वास्तव में अराजकता का एक स्कूलकिट था। उनका (विदेशी व्यक्तित्वों) का इन कानूनों से कोई लेना-देना नहीं है, वे सिर्फ देश में अराजकता और परेशानी की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। वहीं एक अधिकारी ने कहा कि टूलकिट की योजना भारत की छवि को धूमिल करने की थी, यहां तक कि यदि सरकार इन कानूनों को रद्द कर देती, तब भी यह चलाया जाता।