केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस मामले में सक्रिय होने के बाद इस मामले का हल निकलता दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक किसानों और केंद्र के बीच पांचवें दौर की वार्ता असफल हो जाने के बाद भी इन दोनों नेताओं ने किसानों के अलग-अलग गुटों से बातचीत जारी रखी। उन्होंने किसानों को सरकार का पक्ष समझाया और उनकी शंकाओं का निवारण किया। इसके बाद ही दोनों पक्षों में सहमति बनती दिख रही है।