नए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन मोदी सरकार के खिलाफ अब लंबी लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। इसी बीच किसान संगठनों ने प्रदर्शन स्थलों पर कोई अप्रिय घटना न हो और सभी संदेहास्पद लोगों पर नजर रखी जा सके। इसके लिए एक सुरक्षा तंत्र स्थापित करने जा रहे हैं। इनमें सैकड़ों वॉलंटियर्स के अलावा 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और 10 से ज्यादा एलसीडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। सिंघु बार्डर प्रदर्शन स्थल पर नजर रखने के लिए मंच के पीछे ही एक निगरानी कक्ष भी तैयार किया गया है।
सिंघु बार्डर पर प्रदर्शन पर असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए किसान संगठनों द्वारा 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे मंच के आसपास, बॉर्डर के एंट्री और एग्जिट गेट, लंगर, मेडिकल कैंप के अलावा बड़े जत्थों में लगाए जाएंगे। सभी कैमरों की फुटेज देखने के लिए और हर जगह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मुख्य मंच के पीछे एक कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। समय-समय पर बड़े किसान नेता भी यहां से बैठ कर प्रदर्शन स्थल पर नजर रखते हैं।
किसान नेताओं ने बताया कि कैमरा इंस्टॉल करने का पूरा सामान युवा किसान पंजाब से लेकर आए हैं। इसके अलावा कुछ एनजीओ की तरफ से इस काम में सहयोग दिया जा रहा है। आईटी के जानकारों की टीम इसे लगाने में जुटी हुई है।
बॉर्डर के अहम स्थानों पर किसान संगठनों द्वारा एलसीडी स्क्रीन लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए किसान हर जगह की गतिविधियों को देख सकेंगे और मंच पर हो रहे नेताओं के भाषणों को भी सुन सकेंगे। बढ़ती गर्मी को देखते हुए ये स्क्रीन बड़े जत्थों में लगाई जाएगी ताकि किसान वहीं से बैठकर नेताओं के भाषण सुन सकें।