नए कृषि कानूनों पर किसानों की राय क्या है? इस सवाल पर दिल्ली के बदरपुर के ताजपुर के चौधरी विजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं। इससे उन्हें एपीएमसी मंडियों के साथ-साथ खुले बाजारों में भी अनाज बेचने की अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस किसान बिल का विरोध केवल कांग्रेस वाले राज्यों में हो रहा है और यह केवल राजनीतिक कारणों से हो रहा है।
वहीं, एक अन्य किसान चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि पूरा कानून अच्छा है, इस पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता। लेकिन किसानों का सबसे ज्यादा विरोध खुले बाजार में भी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने को लेकर है। साथ ही कांग्रेस की सबसे ज्यादा आशंका यह है कि एपीएमसी मंडियों को खत्म किया जा सकता है। सरकार को इन बातों पर किसानों को आश्वस्त करने के लिए यह बात भी कानून में शामिल कर लेना चाहिए। इससे कानून पर किसानों का विरोध खत्म हो सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कार्यक्रम में कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के हित में काम करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी सरकार ने देश के 10 करोड़ किसानों के खाते में 6000 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर गलत भय फैलाया जा रहा है। सभी किसानों को समझना चाहिए कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में केवल फसलों का ही अनुबंध किया जाएगा। इसमें हर निर्णय किसानों के हित को लेकर किया गया है।