वेब शुगर मिल बिजनौर और पीबीएस शुगर मिल चांदपुर बिजनौर ने नोटिस जारी कर माली हालत का हवाला देकर मिल चलाने में असमर्थता जाहिर कर दी है। ऐसे में किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है कि वह हर बार की तरह इस बार किस आधार पर कोर्ट जाए।
वेब शुगर मिल प्रबंधन ने खराब माली हालात का हवाला दिया है। पत्र में बताया है कि अमरोहा बिजनौर, बुलंदशहर और सहारनपुर की मिलों की आथक स्थिति काफी खराब हो गई है। प्रबंधन ने तर्क दिया है, कोर्ट में लंबित वादों और मिलों में प्रबंधन और उत्पादन में मोटी रकम लगने के कारण उनकी हालात खस्ता हो गई है।
कंपनी ने अमरोहा मिल पर अब तक 2069.00 करोड़ बिजनौर मिल 63.14 करोड़ रुपये सहारनपुर मिल पर 4671 करोड़ और बुलंदशहर स्थित मिल पर 3405 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उपनिदेशक शुगरकेन उत्तर प्रदेश हरपाल सिंह का कहना है कि हम मिलों की निगेहबानी कर रहे हैं। किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कोर्ट का रास्ता बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है, बाकि किसानों को मिल चलवाने के लिए और रास्ते अपनाने होंगे। मिल नहीं चलीं तो डीएम के यहां गन्ना डाल देंगे। सरकार भुगतान करेगी। गन्ना किसान तिल तिल कर मरने को विवश है। सरकार कान में तेल डालकर बैठी है।
अब हम पंचायत करने जा रहेहैं। मिल मालिकों के चीन मिलों की कमाई से जो अन्य उद्योग चल रहे हैं। अब उन्हें ही बंद करना होगा। हम बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।