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रामलीला मैदान में जुटे किसान, राहुल गांधी के किसानों के समर्थन में आने की उम्मीद

Thu, 29 Nov 2018 10:08 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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कर्ज और आत्महत्या के अनवरत कुचक्र से हमेशा के लिए मुक्ति पाने के लिए किसान एक बार फिर दिल्ली के रामलीला मैदान में आ डटे हैं। गुरुवार रात विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये किसानों की समस्याओं को उजागर किया जाएगा। किसानों की मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और फसलों के दाम उपज मूल्य के डेढ़ गुनी कीमत पर तय करने संबंधी कानून पास किया जाये। किसान संगठनों ने इसे किसान मुक्ति मार्च का नाम दिया है। मार्च का आयोजन करने वाले अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति संगठन का दावा है कि इस मार्च में उसे पूरे देश से जनसमर्थन मिला है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों का समर्थन करने के लिए कल रैली में शामिल हो सकते हैं। चुनावी माहौल में इससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राहुल गांधी ने पांच राज्यों के चुनावों में भी लगातार किसानों का मुद्दा उठाये रखा जो माना जाता है कि भाजपा के लिए काफी परेशानी का सबब बना रहा। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में उन्होंने किसानों से इस बात का वादा किया है कि उनकी सरकार बनते ही दस दिनों के अंदर किसानों के कर्ज माफ कर दिए जाएंगे।

मार्च के पहले दिन योगेंद्र यादव और जय किसान आंदोलन के संयोजक अभिक साहा के नेतृत्व में देशभर से आए किसानों ने बिजवासन से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च किया। 26 किलोमीटर की यह यात्रा दिल्ली देहात के बिजवासन से शुरू होकर रामलीला मैदान पर समाप्त हुई। जहां पूरे देश से आये हजारों की संख्या में किसान इकट्ठे हो चुके हैं। 
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दो दिन की हो रही "किसान मुक्ति मार्च" की मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर किसान संसद द्वारा पारित किए गए दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों को पास किया जाए। पहला कानून किसानों की ऋण मुक्ति का है, जबकि दूसरा कृषि उपज का उचित और लाभकारी मूल्य से जुड़ा है।

जय किसान आंदोलन के संयोजक अभीक साहा ने कहा कि देशभर का आक्रोशित किसान बार-बार दिल्ली आने को मजबूर हो रहा है क्यूंकि उनके साथ बार-बार छलावा हो रहा है। एक तरफ देश का पैसा लेकर बड़े बड़े पूंजीपतियों को विदेश भगा दिया जाता है, तो दूसरी तरफ किसानों के कर्जमुक्ति के वाजिब मांग को लगातार अनसुना किया जा रहा है। हमारी मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर किसानों की बदहाली पर चर्चा हो और किसान संसद में पारित हुए दोनों बिलों को देश की संसद में पास किया जाए।

भाजपा किसान मोर्चा ने कहा, बात करें किसान

भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चे के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह मस्त ने अमर उजाला से कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के लिए अब तक की सबसे अच्छी सरकार है। इसने कृषि और किसानों की भलाई के लिए बहुत काम किये हैं और आगे भी करेगी। लेकिन इसके बाद भी अगर किसानों को कोई समस्या है तो उन्हें हमसे बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इन संगठन के तौर पर उनकी बात सुनने और उसे सरकार तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं।
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