यमुना एक्सप्रेसवे एवं टाउनशिप के लिए अधिगृहीत की गई भूमि पर रविवार को किसानों ने पंचायत के बाद ट्रैक्टर से जुताई का काम किया। अतिरिक्त मुआवजा व विकसित भूमि नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने एक्सप्रेसवे के पास चौगान पुल के नीचे पंचायत की।
इसमें सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए आक्रोश व्यक्त किया गया। किसान शिशुपाल सिंह बघेल और राजपाल सिंह फौजी की अध्यक्षता में आयोजित किसान पंचायत में अधिग्रहण प्रभावित गांव छलेसर, चौगान, गढ़ीरामी, बंघारा, नगला नत्थू आदि के किसानों ने भाग लिया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि भूमि के करार को पांच वर्ष बीत गए लेकिन आज तक मुआवजा वितरित नहीं किया गया। इस आधार पर कोर्ट के आदेशानुसार भूमि किसानों को वापस हो जानी चाहिए।
किसान हेत सिंह बघेल ने कहा कि सपा सरकार ने 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजे का एलान किया था लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 10 फीसदी विकसित भूमि नहीं मिलने पर गुस्साए किसानों ने पंचायत के बाद खेतों की ट्रैक्टर से जुताई शुरू कर दी। पंचायत में एक बार फिर समय बढ़ाते हुए 10 जुलाई को समस्त अधिगृहीत भूमि की जुताई की बात कही। पंचायत का संचालन बहादुर सिंह ने किया। इस मौके पर राधेश्याम सिकरवार, केदार सिंह, मनोज शर्मा, देवलाल, डालचंद्र, जसवीर सिंह, कंचन सिंह, बनीसिंह, खचेरसिंह, रामभरोसी आदि किसान मौजूद रहे।