कर्ज माफी व फसलों की कीमत की मांग करते हुए देशभर के किसानों ने जंतर-मंतर पर हुंकार भरी। 13 दिन पहले मध्य प्रदेश के मंदसौर से निकली किसान यात्रा छह राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गुजरते हुए मंगलवार को दिल्ली पहुंचने पर किसान मुक्ति संसद में तब्दील हो गई। इसमें करीब 150 किसान संगठनों की भागीदारी रही।
किसान संसद में फसल का पूरा दाम मिलने व किसानों की पूरी तरह से कर्ज माफी से जुड़ी दो अहम मांगें रखी गईं। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले जुटे किसान संगठनों ने दावा किया कि बुधवार को भी आंदोलन जारी रहेगा। किसानों को तमिलनाडु के किसान नेता अय्याकन्नू के नेतृत्व में तमिलनाडु के किसानों के साथ राजू शेट्टी, धर्मवीर गांधी, तपन कुमार सेन, शरद यादव, अली अनवर, मोहम्मद सलीम, सीताराम येचुरी, अरविंद सावंत जैसे कई सांसदों ने भी समर्थन दिया।
बता दें कि 6 जून को मंदसौर के किसानों पर गोलीबारी हुई थी। उसके एक माह बाद 6 जुलाई से 18 जुलाई तक देश के 6 राज्यों से होते हुए किसान मुक्ति यात्रा निकाली गई। किसानों की दोनों मांगों कर्जमुक्ति और लागत के ड्योढ़े दाम के समर्थन में जंतर-मंतर पर हुंकार भरी गई।