कृषि कानून के खिलाफ देश भर के किसान संगठन देश की राजधानी नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे किसान आंदोलन पर रविवार को ब्रेक लग गया। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से फेसबुक पर बनाए गए किसान एकता मोर्चा के पेज के रविवार देर शाम निष्क्रिय कर दिया गया। हालांकि, किसानों के नाराजगी जताने के बाद फेसबुक पेज दोबारा शुरू हो गया है।
किसान आंदोलन को लेकर इंटरनेट पर फैलाए जा रहे अफवाहों पर अपना पक्ष रखने और आंदोलन को सोशल मीडिया पर आगे बढ़ाने के लिए चार दिन पहले ही संयुक्त किसान मोर्चा ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और स्नैप चैट पर किसान एकता मोर्चा नाम से अकाउंट बनाया था। चार दिन में इस अकाउंट पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हो गए। यही नहीं कई अकाउंट पर लोगों की पहुंच 12 लाख पार कर गई था।
संयुक्त किसान मोर्चा की रविवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी, जिसे फेसबुक पेज पर लाइव किया जा रहा था। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की आईटी टीम ने पाया कि उनका फेसबुक पेज निष्क्रिय हो गया है। यही नहीं किसान एकता मोर्चा का कहना है कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी अब नहीं खुल रहा है। दोनों ही पेज पर मिलाकर कुल 1.50 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे।
फेसबुक पेज को बंद करने को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इसके कुछ देर बाद फेसबुक पेज फिर से एक्टिव हो गया।