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किसानों का गतिरोध खत्म करने का बातचीत ही एकमात्र रास्ता: उपराष्ट्रपति

Thu, 24 Dec 2020 04:36 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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वेंकैया नायडू (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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किसान दिवस के मौके पर हैदराबाद के किसानों से संवाद में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बुधवार को कहा, किसान और सरकार के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत ही एक रास्ता है। नायडू ने कहा, सरकार बातचीत के लिए हमेशा से तैयार है। जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान हो जाएगा। 

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नायडू ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और देश का विकास करीबी रूप से कृषि से जुड़े हैं। इसे बचाने और लाभकारी बनाना बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार के नए कृषि सुधार कानून भी इसी दिशा में लाए गए हैं। किसान की आय दोगुनी करने के लिए सरकार इसके पहले भी कई पहल कर चुकी है। नायडू ने कहा, पैदावार बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को हर मौसम के अनुकूल करना बहुत जरूरी है। इसके लिए तकनीक की मदद लेनी होगी।


इसके अलावा फसल विविधीकरण, जैविक खेती और पोषण युक्त किस्मों की पैदावार को बढ़ावा देने की जरूरत है। इन सबके साथ एक मजबूत बुनियादी ढांचा जैसे कोल्ड स्टोरेज, ट्रांस्पोर्ट और मार्केटिंग प्रणाली विकसित करना भी महत्वपूर्ण है। इन सब के लिए नए कृषि सुधार कानून आवश्यक हैं। नायडू ने महामारी के दौरान निस्वार्थ भाव से देश के लिए रिकॉर्ड अनाज पैदा करने के लिए किसानों का आभार प्रकट किया। 
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किसान दिवस पर किसानों को करना पड़ रहा है आंदोलन, दुर्भाग्यपूर्ण : पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने किसान आंदोलन को लेकर भावनात्मक ट्वीट किया है। उन्होंने राष्ट्रीय किसान दिवस पर ट्वीट कर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किसानों का सम्मान करना सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है, लेकिन अफसोस की बात है कि किसानों को अपने हत के लिए भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

पवार ने कहा कि राष्ट्रीय किसान दिवस पर भी किसान आंदोलन कर रहे हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय किसान दिवस पर किसानों को न्याय मिलने की कामना कर रहा हूं। देश में बुधवार को किसान दिवस मनाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया जाता है। जबकि देश के किसान देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर 28वें दिन भी आंदोलन में डटे रहे। 

राष्ट्रीय किसान दिवस किसानों के लिए काला दिन : राउत
शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने कहा कि किसान हमारे देश की ‘रीढ़’ हैं। लेकिन कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए उन्हें कमजोर किया जा रहा है। राष्ट्रीय किसान दिवस किसानों के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।

किसानों के समर्थन में एलगार परिषद आरोपियों की भूख हड़ताल
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में भीमा-कोरेगांव एलगार परिषद-माओवादी संबंध के आरोपियों ने भी बुधवार को तलोजा जेल में एक दिवसीय भूख हड़ताल किया। कथित माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में सुधीर धवले, सुरेंद्र गाडलिंग, अरुण परेरा, वर्नन गोंसाल्विस, फादर स्टेंन स्वामी, गौतम नवलखा और रोना विल्सन नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। इन कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर एक संयुक्त बयान में कहा कि वे नवी मुंबई की जेल में बंद हैं और किसान आंदोलन में शारीरिक रूप से भाग नहीं ले सकते। इसलिए, वे जेल में एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल कर रहे हैं।

नए कृषि कानून को लेकर कुछ ताकतें किसानों को कर रही हैं भ्रमित : अश्विनी
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि नए कृषि कानून को लेकर कुछ ताकतें किसानों को भ्रमित कर अपना एजेंडा चला रही हैं। इन ताकतों से किसानों को बच के रहने की आवश्यकता है। नया कृषि कानून किसानों के हित में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए निरंतर कार्य जारी रहेगा। बुधवार को चौबे भागलपुर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर कृषि कानून के बारे में किसानों को बताएं। उन्हें जागरूक करें।  

केंद्र ने किसानों को नए कृषि कानूनों के तहत स्वतंत्रता दी: रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि मंडियों के बारे में किसानों के बीच कई तरह के झूठ फैलाए जा रहे हैं और किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। केंद्र ने किसानों को नए कृषि कानूनों के तहत स्वतंत्रता दी है। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, एपीएमसी यानी मंडियों के बारे में कई झूठ फैलाए जा रहे हैं, जिससे किसानों के मन में गलत धारणा पैदा हो रही हैं। हमारी सरकार ने नए कृषि कानूनों के तहत किसानों को स्वतंत्रता दी है, नए विकल्प दिए हैं कि वे अपनी उपज, मंडियों में या मंडियों के बाहर कहीं भी बेच सकते हैं। 

किसानों की कद्र करे सरकार, जायज मांगों को माने: विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किसान प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में आयोजित किसान प्रदर्शन में कहा कि केरल प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ है। सरकार को किसानों की जायज मांगों को सुनना चाहिए और इन कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। मैं कहता हूं अगर देश में खाद्यान्न की कमी होती है तो इसका सबसे ज्यादा असर केरल पर होता है। प्रदेश की जनता को ध्यान में रखते हुए हम किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं।

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