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किसान संगठनों की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मांग, बॉर्डर पर भी शुरू हो किसानों का टीकाकरण

Wed, 07 Apr 2021 08:21 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला से कहा कि किसानों की भीड़ तो दिल्ली से 40 किलोमीटर दूर है। दिल्ली की सीमाओं पर किसी भी किसान की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत नहीं हुई है...
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किसान आंदोलन में शहीदों के गांवों से एकत्रित मिट्टी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण फिर से बढ़ने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली समेत अन्य राज्यों में तेजी से संक्रमण के बढ़ने लिए शादियों, स्थानीय निकाय चुनाव के साथ किसान आंदोलन को भी जिम्मेदार ठहराया है।

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किसान आंदोलन के कारण दिल्ली में संक्रमण बढ़ने वाले बयान पर किसान संगठनों ने केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री डॉ. हर्षवर्धन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामयाबी छिपाने के बहाने खोज रही है। ये संक्रमण सरकार की कमी के कारण फैल रहा है न की आंदोलन के कारण।

किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला से कहा कि किसानों की भीड़ तो दिल्ली से 40 किलोमीटर दूर है। दिल्ली की सीमाओं पर किसी भी किसान की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत नहीं हुई है। अगर सरकार को वहां संक्रमण फैलने का डर है तो वहां जाकर किसानों की जांच करे। कैंप लगाकर किसानों का टीकाकरण भी करे। केंद्र सरकार सरकार अपनी नाकामयाबी छिपाने के लिए बहाने खोज रही है। ये संक्रमण सरकार की कमी के कारण फैल रहा है न की किसान आंदोलन के कारण।
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उन्होंने आगे कहा कि बॉर्डर से कोई कोरोना दिल्ली के अंदर नहीं आ रहा है। किसानों का बहाना बनाकर स्वास्थ्य मंत्री सरकार की कमियां छिपा रहे हैं। अगर सरकार इतनी ईमानदार है तो इसके कोरोना के खिलाफ युद्ध का एलान करे। लेकिन सरकार ने तो किसानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा की हुई हैं। हमारी मांग है कि सभी किसानों को कोरोना की वैक्सीन दी जाए।

किसानों ने शहीद स्मारक की रखी नींव
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने गाजीपुर-गाजियाबाद सीमा पर स्थित प्रदर्शन स्थल पर 'शहीद स्मारक' की नींव रखी है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने दावा किया कि सामाजिक कार्यकर्ता कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मारे गए 320 किसानों के गांवों से स्मारक के लिए मिट्टी लेकर आए।

बीकेयू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के गांवों से एकत्रित मिट्टी भी प्रदर्शन स्थल पर लाई गई। इस प्रदर्शन स्थल पर बीकेयू नेता राकेश टिकैत और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने मंगलवार को स्मारक के लिए नींव रखी थी। बाद में इस स्मारक को स्थायी तौर पर बनाया जाएगा।

बीकेयू नेता ने बताया कि 50 सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समूह सभी राज्यों से मिट्टी लेकर आया है और मिट्टी सत्याग्रह यात्रा भी निकाली गई। प्रदर्शन स्थल पर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाकुल्ला खान के गांवों से भी मिट्टी लायी गई।

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