कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले में राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में यात्रा के दौरान एक किसान उस समय हैरान हो गया जब कंडक्टर ने उसके साथ ही दो मुर्गियों का टिकट भी काट लिया। किसान मुर्गियों को खरीद कर लौट रहा था, जिसके लिए किसान से हाफ टिकट चार्ज किया गया।
चिक्काबल्लापुर जिले के पेड्डनहल्ली निवासी किसान श्रीनिवास ने गौरीबिदानुर से 150 रुपए प्रति मुर्गी के हिसाब से दो मुर्गियां खरीदीं और वापस लौटने के लिए बस में बैठ गया। उसने 24 रुपए किराए के लिए कंडक्टर को 50 रुपए का नोट दिया। उसे 26 रुपए वापसी की उम्मीद थी, लेकिन जब कंडक्टर ने उसे 2 रुपए ही लौटाए तो वह हैरान रह गया।
टिकट चेक करने पर उसने देखा कि कंडक्टर ने उससे दो अतिरिक्त हाफ टिकट भी दिए हैं। इस बारे में जब श्रीनिवास ने पूछा कि उसके साथ कोई छोटा बच्चा नहीं है, फिर भी टिकट क्यों दिया। इस पर कंडक्टर ने कहा कि दो हाफ टिकट मुर्गियों के लिए दिए गए हैं। कंडक्टर के जवाब पर श्रीनिवास के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा और दोनों के बीच बहस होने लगी।
श्रीनिवास ने कहा कि हम किसानों के पास तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही सहारा है। मेरे पास दो मुर्गियां ही थीं, जिनका वजन कुल मिलाकर 2.5 किलो ही है। वे अलग सीट पर भी नहीं बैठी थीं। मैंने उन्हें प्लास्टिक बैग में डाल अपने पैरों पर रखा था। मैं हैरान हूं कि उनका भी टिकट वसूला गया। मैंने पैसे वापस करने को कहा, लेकिन कंडक्टर नहीं माना और कहा कि उसने नियमों के तहत ही ऐसा किया है। केएसआरटीसी के नियम के अनुसार किसी भी पक्षी या जानवर को टोकरी में रखकर, चेन से बांधकर रखना चाहिए। पैसंजर को इस बात का खासा ध्यान रखना चाहिए कि उसकी वजह से किसी अन्य को परेशानी ना हो।