बुंदेलखंड में प्राकृतिक आपदाओं से जूझते व कर्ज से दबे धरती पुत्रों की खुदकुशी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गरौठा तहसील के ग्राम बंगरा में बृहस्पतिवार को एक और किसान ने रबी की फसल की कम उपज होने व बैंक का कर्ज न चुका पाने से चिंतित होकर अपने आप को आग के हवाले कर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना पुलिस को देते हुए मृतक के भाई रामबाबू यादव ने बताया है कि कालीचरण (42 वर्ष) ने केसीसी कार्ड पर कर्ज लिया था तथा रबी की फसल की उपज काफी कम होने कारण ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं था।
इस वर्ष पानी के अभाव में उसने सिर्फ दो एकड़ भूमि में ही गेहूं की फसल बोई थी, जबकि पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी थी। उपज कम होने के कारण कालीचरण काफी चिंतित रहता था। बृहस्पतिवार को उसने मकान के अंदर अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।