अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बीते दो दशकों में भारत में आने वाले सबसे भयंकर तूफानों में से एक चक्रवात फैनी के प्रभाव को दिखाने वाली तस्वीरें जारी की हैं। इस तूफान के पूर्वी राज्य के तटीय क्षेत्रों से गुजरने के बाद लाखों लोगों ने बिना बिजली के रहने पड़ा।
नासा की तस्वीरों ने चक्रवात फैनी के आने से पहले और बाद की स्थिति की तुलना करते हुए भुवनेश्वर और कटक की तस्वीरें जारी की हैं। कटक ओडिशा की राजधानी के उत्तर में स्थित दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां रात की रोशनी की तुलना की गई है। एजेंसी ने अपने ट्विटर हैंडल पर तस्वीरें भी साझा की हैं।
नासा ने तस्वीरें जारी कर कहा, "जहां बिजली चली गई हैं वह फानी के कारण सबसे बुरी तरह से ओडिशा के कुछ इलाकों में से एक हैं।"
तस्वीरों से जुड़े नासा के एक लेख में लिखा है, "तस्वीरों में 30 अप्रैल (तूफान से पहले) और 5 मई, 2019 के हालात दिख रहे हैं। फैनी तूफान के आने के बाद कई ट्रांसमिशन टावर बर्बाद हो गए और 156,000 यूटिलिटी पोल उखड़ गए। जिन्हें फिर से लगाना होगा।"
इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि चक्रवात फैनी के आने से पहले ओडिशा के पुरी, भुवनेश्वर, कटक और खुर्दा इलाके लाइट से चमचमाते दिख रहे हैं, लेकिन इसके बाद पूरे इलाके में जबरदस्त अंधेरा फैला हुआ है।
गौरतलब है कि तीन मई को विध्वंसकारी चक्रवाती तूफान फैनी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से टकराया और जबरदस्त तबाही मचाई। यह साल 1999 के बाद भारत में आया सबसे विनाशकारी चक्रवात था। इस दौरान 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और मूसलाधार बारिश हुई।
ओडिशा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त व सचिव ने जानकारी दी है कि अब तक फैनी चक्रवात की वजह से राज्य में 41 लोगों की जान जा चुकी है। भारतीय मौसम विभाग ने फैनी को 'अत्यंत भयावह चक्रवाती तूफान' की श्रेणी में रखा है।
फैनी भारत में पिछले 20 साल में आया सबसे भयंकर तूफान है। इसकी वजह से तीर्थस्थल पुरी में समुद्र तट के पास स्थित इलाके और अन्य स्थान भारी बारिश के बाद जलमग्न हो गए जिससे राज्य के करीब 11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।