अनुभवी सांसद और प्रखर वक्ता
सोमनाथ चटर्जी की गिनती संसद के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी सांसदों में होती थी। लगभग हर विषय पर उनका समान अधिकार था। वह संसद में हर विषय पर बोलते थे। उनकी यह आदत लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद भी बनी रही। कई बार वह सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं से ज्यादा बोलते थे।
विकास के प्रयास
पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष रहे चटर्जी ने राज्य की छवि बदलने की बहुत कोशिश की। उन्होंने दंगों और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए पहचानी जाने वाली पार्टी की छवि खत्म कर माकपा को सामाजिक और राजनीतिक सरोकारों वाली पार्टी बनाने का अथक प्रयास किया था।