गुजरात में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 14 साल पहले एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए एक षड्यंत्र रचा। खुद को मरा हुआ दिखाने के लिए उसने एक मंदबुद्धि महिला की हत्या के बाद शव को जला दिया। मंदबुद्धि महिला के परिवार को भी अब 14 साल बाद पता चला कि उनकी बेटी की अपहरण के बाद निर्ममता से हत्या की गई थी।
पाटण तहसील के बालवा गांव के प्रकाश पंचाल की शादी 17 साल पहले कांकरेज के खिमाणा गांव निवासी भीखीबहन पंचाल से हुई थी। दोनों को एक बेटा भी हुआ। भीखीबहन का डीसा तहसील निवासी विजुभा दरबार से भी संबंध था।
प्रेमी के साथ रहने के लिए भीखीबहन ने खुद को मरा दिखाने की साजिश रची। विजुभा के दास्तों की मदद से उसने अपने मायके से शारदाबहन रावल नाम की मंदबुद्धि महिला का अपहरण करवाया। फिर उसकी हत्या कर दी। भीखीबहन ने शव को अपने कपड़े पहनाकर आग लगा दी और प्रेमी के साथ भाग गई।
लोग मान बैठे कि भीखीबहन ने आत्महत्या की है। पंचाल समाज ने प्रकाश को दोषी मानकर फरमान सुना दिया कि समाज में कोई भी अपनी बेटी से उसका विवाह नहीं करेगा। इसके चलते प्रकाश की दूसरी शादी नहीं हो सकी।
प्रकाश गांव छोड़कर बेटे के साथ अहमदाबाद में रहने के लिए चला गया। प्रकाश के बालवा स्थित घर पर आज भी ताला लगा है। घर की दीवार पर भीखीबहन का फोटो भी लगा हुआ है।