केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के नाम से एक फर्जी पत्र वायरल हुई है, जिसमें असम चुनाव से पहले बदलाव की बात कही गई थी। सोनोवाल ने इसे साजिश बताते हुए दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेटरहेड और हस्ताक्षर नकली हैं, इसलिए लोग इस पर भरोसा न करें।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को बताया कि उनके नाम से वायरल हो रही एक जाली पत्र के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। इस पत्र में असम विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में सुधार करने की बात लिखी थी। सोनोवाल ने इसे पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है।
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क्या है मामला?
सोशल मीडिया पर यह पत्र तेजी से फैल रही है। यह पत्र सोनोवाल के आधिकारिक लेटरहेड पर है और इसमें उनके हस्ताक्षर भी दिख रहे हैं। यह पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा गया था। इसमें असम की जमीनी स्थिति का हवाला देते हुए मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बदलाव की मांग की गई थी।
क्या बोले मंत्री?
सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि शरारती तत्व गलत इरादे से यह पत्र फैला रहे हैं। उन्होंने इसे जालसाजी, पहचान की चोरी और सरकारी पद के दुरुपयोग का गंभीर अपराध बताया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद गलत जानकारी फैलाना और एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बदनाम करना है।
दिल्ली में केस दर्ज
केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। सोनोवाल ने पुलिस से मामले की जांच करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे ऐसी झूठी सामग्री पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सच मानें।