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कोर्ट ने कहा- स्मृति को परेशान करने के लिए दर्ज किया गया फेक डिग्री केस

Wed, 19 Oct 2016 01:40 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को फर्जी डिग्री मामले में अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्मृति ईरानी को समन जारी करने से इनकार करते हुए संबंधित शिकायत खारिज कर दी। अदालत ने कहा यह शिकायत केंद्रीय मंत्री को बेवजह परेशान करने के लिए दायर की गई। पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह ने स्वतंत्र पत्रकार अहमर खान की उस शिकायत को खारिज कर दिया कि जिसमें स्मृति ईरानी को बतौर आरोपी समन जारी करने का आग्रह किया गया था। 
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह शिकायत कानून की सर्वोच्चता स्थापित करने या कानून व्यवस्था कायम करने के लिए दायर नहीं की गई। अगर यह शिकायत केंद्रीय मंत्री के खिलाफ न होती तो शिकायतकर्ता शायद इसके बारे में सोचता भी नहीं। यह शिकायत केवल संभावित आरोपी को परेशान करने के इरादे से दायर की गई थी। कोर्ट को ऐसे मामले की सुनवाई के बोझ से खुद को राहत देनी चाहिए। 

अदालत ने शिकायत खारिज करते हुए कहा कि इसे दायर करने में 11 साल का विलंब हुआ है। इस लंबी अवधि में केस के मूल दस्तावेज खो चुके हैं और दूसरे दस्तावेज कानून की कसौटी पर खरे नहीं उतरेंगे। मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि ईरानी ने जानबूझकर 2004, 2011 व 2014 के चुनावी हलफनामों में अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधी गलत जानकारी दी थी। कानून के मुताबिक हलफनामे में कोई भी गलत जानकारी देना जुर्म है। इस संबंध में विवाद उठने पर भी ईरानी ने कोई सफाई नहीं दी। 
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