फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fake Call Centre: पुणे में अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़, पांच संचालक गिरफ्तार, प्रतिदिन करते थे 25 लाख की ठगी

Sat, 24 May 2025 08:50 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

Fake Call Centre: पुणे में पुलिस ने अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर पांच संचालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी डिजिटल अरेस्ट कर वे अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे।  
विज्ञापन
अपराध। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर इसके पांच संचालकों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के सरजीत सिंह गिरावत सिंह शेखावत, गुजरात के अभिषेक अजयकुमार पांडे, श्रीमय परेश शाह, लक्ष्मण अमर सिंह शेखावत और हारून अरुमन क्रिश्चियन शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि तीन अन्य संदिग्ध अभी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए टीमें बनाई गई हैं। ये आरोपी अमेरिकी नागरिकों को विभिन्न फर्जी मामलों में डिजिटल अरेस्ट कर प्रतिदिन में लगभग 25 लाख से अधिक रुपये की ठगी करते थे।

विज्ञापन


एक अधिकारी ने बताया कि अगस्त 2024 से खराडी इलाके में एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में मैग्नेटेल बीपीएस एंड कंसलटेंट्स एलएलपी नामक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा था। इसने रात की पाली में काम करने के लिए एक दर्जन महिलाओं सहित 120 से अधिक कॉलिंग एजेंटों को काम पर रखा था। इन एजेंटों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने बताया कि खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा ने शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि को कॉल सेंटर पर छापा मारा और ये गिरफ्तारियां कीं। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों से संपर्क कर उन्हें यह कहते हुए धमकाते थे कि उनके खातों का दुरुपयोग ड्रग तस्करी या किसी अन्य मनगढ़ंत अपराध के लिए किया गया है। इसके बाद वे पीड़ितों को गिरफ्तारी की धमकी देते थे और उन्हें उपहार कार्ड खरीदने के लिए मजबूर करते थे। इसका आरोपी बाद में निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करते थे। आरोपी ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को निशाना बनाते थे।

अधिकारी ने बताया कि अवैध कॉल सेंटर से 64 लैपटॉप्स और 41 मोबाइल फोन जब्त किये गए हैं। कई लैपटॉप में संदिग्ध एप्लिकेशन, वीपीएन सॉफ्टवेयर और हजारों अमेरिकी नागरिकों के संपर्क नंबर हैं। मामले की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें