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Faizan Ahmed Death: आईआईटी छात्र का शव कब्र से निकालकर दोबारा होगा पोस्टमार्टम, कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश

Wed, 26 Apr 2023 02:13 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

आईआईटी खड़गपुर के छात्र फैजान अहमद का शव 14 अक्तूबर, 2022 को छात्रावास के कमरे में मिला था। फैजान के पिता ने बेटे की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 
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कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आईआईटी खड़गपुर के तृतीय वर्ष के छात्र फैजान अहमद की मौत के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि छात्र की मौत के पीछे की सच्चाई को सामने लाना जरूरी है। फैजान को छह महीने पहले उसके गृह राज्य असम में दफनाया गया था।

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फैजान के पिता ने उसकी मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसका शव 14 अक्तूबर, 2022 को छात्रावास के उसके कमरे में मिला था। अदालत ने मामले में सुनवाई 13 जून तक के लिए स्थगित करते हुए निर्देश दिया कि आदेश की तारीख से एक महीने के भीतर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए।

इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था कि वह आईआईटी खड़गपुर के निदेशक से अपने छात्रावास में थर्ड ईयर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र की अप्राकृतिक मौत के मामले को लेकर कड़े कदम उठाने की अपेक्षा करता है। रैगिंग के आरोपों को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने निर्देश दिया था कि जमीनी स्तर पर शुरू होने वाले उचित काउंसलिंग सत्र सुनिश्चित किए जाएं और इसे लागू करने के लिए आईआईटी खड़गपुर के निदेशक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
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सामने आया था रैगिंग का एंगल 
असम के तिनसुकिया जिले के रहने वाले फैजान के पिता सलीम अहमद ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि फैजान उनकी एकलौती संतान था। उसकी मौत के बाद उन्हें यह बताया गया कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार था और उसने आत्महत्या कर ली। जब कुछ दिन पहले फैजान ने 'एसिमिलेशन प्रोग्राम' का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था। दरअसल, एसिमिलेशन प्रोग्राम एक तरह से रैगिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। परिजनों का कहना है कि फैजान के मना करने के बाद उसे लगातार नजरअंदर किया जा रहा था। 

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