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Google vs CCI: गूगल के खिलाफ ADIF की शिकायत स्वीकृत, सीसीआई ने दिए जांच के आदेश; एडटेक पर प्रभुत्व का मामला

Sat, 02 Aug 2025 11:19 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने शुक्रवार के अपने आदेश में उसने इस शिकायत को इसी तरह के मामलों में चल रही जांच के साथ जोड़ने का फैसला किया है। महानिदेशक (डीजी) को ऑनलाइन डिस्प्ले विज्ञापन सेवाओं और एडटेक मध्यस्थता सेवाओं में गूगल की विभिन्न कथित प्रथाओं की जांच करने और विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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Google - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निष्पक्ष व्यापार नियामक सीसीआई ने अलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) की शिकायत पर ऑनलाइन डिस्प्ले विज्ञापन बाजार में गूगल के क्रिया कलाप की विस्तृत जांच का आदेश दिया है।

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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने शुक्रवार के अपने आदेश में उसने इस शिकायत को इसी तरह के मामलों में चल रही जांच के साथ जोड़ने का फैसला किया है। महानिदेशक (डीजी) को ऑनलाइन डिस्प्ले विज्ञापन सेवाओं और एडटेक मध्यस्थता सेवाओं में गूगल की विभिन्न कथित प्रथाओं की जांच करने और विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। 

गूगल ने सीसीआई के फैसले का स्वागत किया
गूगल के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'हम सीसीआई के आदेशों की समीक्षा कर रहे हैं। हम शिकायत के एक हिस्से को खारिज करने के सीसीआई के फैसले का स्वागत करते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि सीसीआई के साथ हमारा निरंतर सहयोग इस बात की पुष्टि करेगा कि गूगल की विज्ञापन प्रथाओं से विज्ञापनदाताओं, प्रकाशकों और उपयोगकर्ताओं को लगातार लाभ हुआ है और वे प्रतिस्पर्धा कानून का पूरी तरह से अनुपालन करती हैं।'
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एडीआईएफ ने गूगल पर ये लगाया आरोप
एडीआईएफ ने आरोप लगाया है कि गूगल ने अपने विज्ञापन प्रौद्योगिकी स्टैक के विभिन्न स्तरों पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं को अपनाया है। अपनी शिकायत में, एडीआईएफ ने आरोप लगाया कि गूगल ने अपनी कई समूह संस्थाओं के माध्यम से, एडटेक पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी सेवाओं को स्व-वरीयता देकर प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण किया है, जिसमें उसके प्रकाशक विज्ञापन सर्वर (डीएफपी) को उसके विज्ञापन एक्सचेंज (एडएक्स) के साथ जोड़ना और बंडल करना, और यूट्यूब विज्ञापन इन्वेंट्री तक पहुंच को उसके डिमांड-साइड प्लेटफ़ॉर्म (डीवी360) के उपयोग से जोड़ना शामिल है।

प्रतिस्पर्धी एडटेक सेवा प्रदाताओं के लिए बंद हुआ बाजार
स्टार्टअप्स, कंपनियों और व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एडीआईएफ ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की प्रथाओं से न केवल प्रकाशकों और विज्ञापनदाताओं को नुकसान हुआ है, बल्कि प्रतिस्पर्धी एडटेक सेवा प्रदाताओं के लिए बाजार भी बंद हो गया है। सीसीआई ने कहा कि स्टार्ट-अप और डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में प्रमुख हितधारकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एडीआईएफ की भागीदारी से जांच में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है और इस मामले को चल रही जांच के साथ जोड़ने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।

गूगल के आचरण की जांच आवश्यक: आयोग
आयोग ने कहा कि वह प्रथम दृष्टया संतुष्ट है कि गूगल के आचरण की प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 4 के तहत जांच आवश्यक है, जो प्रभुत्व के दुरुपयोग से संबंधित है। उसने निर्देश दिया कि इस मामले को चार मौजूदा मामलों के साथ जोड़ दिया जाए और जांच के बाद एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सीसीआई ने कहा, 'वर्तमान मामले में एडीआईएफ द्वारा लगाए गए आरोप पहले से ही प्रकाशक मामले (सुप्रा) में जांचे जा रहे आरोपों का हिस्सा हैं, इसलिए अधिनियम की धारा 26(1) के प्रावधान के अनुसार, आयोग वर्तमान मामले को जोड़ने का निर्णय लेता है।'

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गूगल ने आरोपों का खंडन किया
हालांकि, अपने जवाब में गूगल ने आरोपों का खंडन किया। साथ ही कहा कि वह भारत में प्रतिस्पर्धी एडटेक बाजार में काम करता है, जिसमें जैंडर, अमेजन ऐड्स और ट्रेड डेस्क जैसी कंपनियां शामिल हैं। उसने कहा कि उसके उत्पाद आपस में जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं।

एक अलग आदेश में, सीसीआई ने खारिज की शिकायत
हालांकि, सीसीआई ने कहा कि जांच के दौरान इन पहलुओं की जांच की जाएगी। एक अलग आदेश में, सीसीआई ने गूगल के खिलाफ एडीआईएफ द्वारा दायर एक शिकायत को खारिज कर दिया और निष्कर्ष निकाला कि लगाए गए आरोपों की पहले ही जांच की जा चुकी है और पिछले मामलों में उनका निपटारा हो चुका है। सीसीआई ने कहा कि वह एडीआईएफ द्वारा अपने आरोपों को नियामक द्वारा पारित पिछले आदेशों में जांचे गए मुद्दों से अलग करने के लिए बताए गए कारणों से सहमत नहीं है।

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