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'सीईसी के रहते निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं': सचिन पायलट ने बताया कैसे होगा सत्ता परिवर्तन? भाजपा पर लगाए आरोप

Sat, 31 Oct 2026 11:28 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने  चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। एक इंटरव्यू में पायलट ने साफ किया कि कांग्रेस सत्ता परिवर्तन के लिए हिंसा नहीं, बल्कि चुनाव के लोकतांत्रिक रास्ते में विश्वास रखती है। 
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सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश की सियासत में इन दिनों भाषा की मर्यादा, लोकतंत्र की मजबूती और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर बहस तेज है। इसी बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शनिवार को एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना कोई गुनाह नहीं है। राहुल गांधी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि विरोधियों को जवाब गुस्से से नहीं, बल्कि तर्क और आंकड़ों से देना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर दी। पंजाब की राजनीति पर भी उन्होंने बड़ा दावा किया और कहा कि वहां असली मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगा।

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राहुल गांधी ने कभी मर्यादा नहीं तोड़ी
विपक्षी नेताओं की ओर से इस्तेमाल की जा रही भाषा को लेकर सचिन पायलट ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आज तक ऐसी कोई बात नहीं कही, जिसे असंसदीय या मर्यादा के खिलाफ माना जाए। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के सवाल पूछने पर परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर राहुल गांधी किसी मुद्दे पर सरकार को घेरते हैं तो सत्ता पक्ष को उसका जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में बहस, तर्क और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखना ही सही तरीका है।

'भारत का लोकतंत्र मजबूत'
बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और भारत में इस तरह के आंदोलन की आशंका पर पायलट ने कहा कि भारत एक मजबूत और शांतिपूर्ण लोकतंत्र है। यहां संविधान सबसे ऊपर है और देश चलाने वालों को भी इसके दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने का फैसला जनता करती है और यह काम चुनाव के जरिए ही होना चाहिए। भारत में पिछले 75 साल से सत्ता का बदलाव जनता की इच्छा से होता आया है। कांग्रेस किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन लोकतंत्र में लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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सत्ता परिवर्तन का रास्ता सिर्फ चुनाव
'रेजीम चेंज' यानी सत्ता व्यवस्था बदलने और बांग्लादेश का धन्यवाद करने जैसे बयानों पर पायलट ने कांग्रेस का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र को देश की सबसे बड़ी ताकत मानती है और इसकी रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। पार्टी का मानना है कि सरकार बदलने का अधिकार सिर्फ जनता के पास है और यह बदलाव चुनाव के माध्यम से ही होना चाहिए। कांग्रेस हिंसा के रास्ते पर विश्वास नहीं करती। हालांकि, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाना और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करना हर किसी का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगी और लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने नहीं दिया जाएगा।

चुनाव आयोग पर उठाए सवाल 
चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर पायलट ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक नीति या फैसले तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह है कि देश की चुनाव व्यवस्था कितनी पारदर्शी और भरोसेमंद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों और जनता को अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करने का पूरा मौका मिले। इसी मांग को लेकर कांग्रेस विभिन्न संगठनों, छात्रों, एनजीओ और राजनीतिक दलों के साथ खड़ी होने की अपील कर रही है। पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि देश में एक निष्पक्ष चुनाव आयोग होना चाहिए, ताकि सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का मौका मिल सके। कांग्रेस को चुनाव में दो बार जीत मिले या चार बार, यह जनता तय करेगी। पार्टी को नतीजों से ज्यादा चुनाव की प्रक्रिया की निष्पक्षता की चिंता है।

अमरिंदर सिंह के लिए सम्मान, लेकिन राजनीतिक फैसले अलग
वहीं, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में शामिल होने पर भी पायलट ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कैप्टन साहब एक अच्छे इंसान और सम्मानित व्यक्ति हैं। उनका व्यक्तिगत तौर पर सभी लोग आदर करते हैं, लेकिन राजनीति में हर किसी के फैसले अलग होते हैं। उन्होंने भाजपा में जाने का फैसला क्यों किया, इसकी वजह वही बेहतर बता सकते हैं। पायलट ने यह भी साफ किया कि उनकी कैप्टन अमरिंदर सिंह से न तो कोई निजी बातचीत हुई है और न ही हाल के दिनों में कोई संपर्क रहा है।

'असहमति जताना हमारा अधिकार'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान को लेकर पायलट ने कहा कि खरगे भाजपा की विचारधारा की शुरुआत और उसके राजनीतिक नजरिये की बात कर रहे थे। उनका कहना था कि भारत जैसे बड़े और धर्मनिरपेक्ष देश में किसी एक विचारधारा को सभी पर थोपना सही नहीं है। देश में अलग-अलग सोच और विचार रखने वाले लोगों के लिए जगह होनी चाहिए। पायलट ने यह भी माना कि किसी के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जो स्वीकार करने लायक न हो। हालांकि, सरकार के फैसलों की आलोचना करना और उससे मुश्किल सवाल पूछना हर नागरिक और विपक्ष का अधिकार है।

पंजाब में कांग्रेस और आप के बीच होगा मुख्य मुकाबला
पंजाब की राजनीति और संभावित भाजपा-अकाली दल गठबंधन को लेकर पायलट ने कहा कि राज्य में मुख्य लड़ाई कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगी। अकाली दल और भाजपा की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए पायलट ने कहा कि अकाली दल के पास इस समय सिर्फ एक विधायक और एक सांसद हैं। भाजपा पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए हमेशा अकाली दल पर निर्भर रही है। प्रकाश सिंह बादल के बाद अकाली दल कमजोर हुआ है और उसके कई गुट बन गए हैं। ऐसे में कांग्रेस का मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से है।

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कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा कोई एक व्यक्ति नहीं
पंजाब में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर पायलट ने कहा कि उनकी पार्टी किसी एक या दो नेताओं के भरोसे नहीं चलती। कांग्रेस करीब 140 साल पुराना संगठन है और देश के हर गांव तक उसकी पहुंच है। पार्टी में समय-समय पर नए लोग आगे आते हैं और नई नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। पंजाब का चुनाव किसी एक नेता का चुनाव नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस टीम की लड़ाई है। पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ मैदान में उतरेगी।

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