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महाराष्ट्र: डॉक्टरों और नर्सों पर हुए हमले के खिलाफ FAIMA का सख्त रुख, सरकार से क्या मांग की?

Wed, 08 Jul 2026 12:36 PM IST
Asmita Tripathi एएनआई, नई दिल्ली

सार

एफएआईएमए ने महाराष्ट्र के केडीएमसी शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। संगठन ने महाराष्ट्र सरकार से 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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एफएआईएमए का कड़ा विरोध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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एफएआईएमए के मुख्य संरक्षक डॉ. रोहन कृष्णन ने महाराष्ट्र के केडीएमसी शास्त्रीनगर अस्पताल हमला का निंदा किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार से 24 घंटों के भीतर कार्रवाई करने की मांग की। 

एफएआईएमए के मुख्य संरक्षक ने क्या कहा?

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उन्होंने कहा कि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) महाराष्ट्र के केडीएमसी शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए क्रूर हमले की कड़ी निंदा करता है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देशभर के डॉक्टर लगातार भय के साये में काम कर रहे हैं। हिंसा, उत्पीड़न और मानसिक तनाव की बढ़ती घटनाओं ने डॉक्टरों में अवसाद और आत्महत्या के मामलों में भी वृद्धि की है। कोई भी राष्ट्र अपने स्वास्थ्यकर्मियों से यह अपेक्षा नहीं कर सकता कि वे निस्वार्थ भाव से सेवा करें जबकि वे शारीरिक हमलों और अपमान के प्रति असुरक्षित बने रहें।

डॉक्टरों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता
उन्होंने आगे कहा कि एनआईसीयू बेड की अनुपलब्धता, बुनियादी ढांचे की कमी या प्रशासनिक सीमाओं जैसी व्यवस्थागत खामियों के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा का सहारा लेना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इसके लिए सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

एफएआईएमए ने क्या मांग की

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एफएआईएमए का दृढ़ विश्वास है कि डॉक्टर पर हमला स्वयं स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर हमला है। जब तक सख्त और अनुकरणीय कार्रवाई नहीं की जाती, ऐसी घटनाएं चिकित्सा जगत का मनोबल गिराती रहेंगी और देश भर में मरीजों की देखभाल पर प्रतिकूल प्रभाव डालती रहेंगी। हम महाराष्ट्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह 24 घंटों के भीतर निर्णायक कार्रवाई करे। इसके साथ ही यह स्पष्ट संदेश दे कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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