Civic Polls: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने 68 सीटों पर महायुति की निर्विरोध जीत को लेकर विपक्ष पर तंज कसा और कहा, तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं?। उन्होंने यह भी दावा किया कि धुले का विकास तब तक नहीं हुआ, जब तक 2003 में निगम बनने के बाद भाजपा सत्ता में नहीं आई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को उन विपक्षी दलों पर तंज कसा, जिन्होंने राज्य में आगामी नगर निगम चुनावों में महायुति की 68 सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा, 'तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं?' यह बात उन्होंने 15 जनवरी को होने वाले 29 नगर निगम चुनावों से पहले उत्तर महाराष्ट्र के धुले में एक रैली को संबोधित करते हुए कही।
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मुख्यमंत्री ने धुले में भाजपा के चार नगरसेवकों को निर्विरोध चुनने के लिए मतदाताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, हम पूरे दिल से इस समर्थन को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 35 लोकसभा सांसद निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें से 33 कांग्रेस के शासनकाल में थे। फडणवीस ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, अगर आपके समय में कोई निर्विरोध चुनाव हुआ, तो लोकतंत्र पर खतरा नहीं था, और अगर हमारे समय में ऐसा हुआ, तो लोकतंत्र खतरे में है।
धुले को महाराष्ट्र का प्रवेश द्वार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के एक ओर गुजरात और दूसरी ओर मध्य प्रदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि धुले का विकास तब तक नहीं हुआ, जब तक 2003 में निगम बनने के बाद भाजपा सत्ता में नहीं आई।
नगर निगम चुनावों से पहले महायुति उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत का मामला सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में पहुंचा। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक नेता ने 68 सीटों पर परिणामों की घोषणा पर रोक लगाने और कथित तौर पर 'बलपूर्वक नाम वापस लेने' की जांच की मांग की।
इसके एक दिन पहले शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने यह कहते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से इन 68 सीटों के परिणाम रद्द करने की अपील की थी कि निर्विरोध जीत से जेन-जी और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के अधिकारों को छीना जा रहा है। राज्य कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने भी भाजपा नेतृत्व वाले महायुति पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सत्ता की लालसा ने लोकतंत्र को निगलने की हद तक पहुंच गई है।