सीएम फडणवीस ने ये मुलाकात सीजेआई के प्रोटोकॉल में चूक की घटना के बाद की है। दरअसल, 18 मई को महाराष्ट्र के अपने दौरे के दौरान गवई ने सीजेआई के प्रोटोकॉल में चूक की बात बताई थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सीजेआई जस्टिस बीआर गवई से मुलाकात की और उन्हें राज्य विधानसभा में सभी दलों की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। फडणवीस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, यह गर्व की बात है कि महाराष्ट्र को राज्य से आने वाले सीजेआई का सम्मान मिला है। मैंने उनसे सर्वदलीय सम्मान समारोह आयोजित करने के निमंत्रण को स्वीकार करने और राज्य विधानसभा में भारतीय संविधान के विषय पर विधायकों को संबोधित करने का अनुरोध किया।
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सीएम फडणवीस ने ये मुलाकात सीजेआई के प्रोटोकॉल में चूक की घटना के बाद की है। दरअसल, 18 मई को महाराष्ट्र के अपने दौरे के दौरान गवई ने सीजेआई के प्रोटोकॉल में चूक की बात बताई थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। दरअसल, शीर्ष न्यायिक पद पर पदोन्नत होने के बाद जस्टिस गवई पहली बार महाराष्ट्र पहुंचे थे। 14 मई को शपथ लेने वाले सीजेआई गवई महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के लिए मुंबई में थे। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक या मुंबई पुलिस आयुक्त कोई भी उनके लिए मौजूद नहीं था। सीजेआई की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद तीनों शीर्ष अधिकारी उस समय मौजूद रहे, जब सीजेआई गवई प्रतिष्ठित समाज सुधारक और भारत के संविधान के मुख्य वास्तुकार को श्रद्धांजलि देने के लिए दादर में बीआर अंबेडकर के अंतिम संस्कार स्थल चैत्यभूमि गए थे।
बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एवं गोवा ने आयोजित किया था सम्मान समारोह
दरअसल, 52वें सीजेआई के रूप में शपथ लेने के बाद जस्टिस गवई रविवार को बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एवं गोवा की ओर से आयोजित अपने सम्मान समारोह में पहुंचे थे। सीजेआई ने कहा कि वह ऐसे छोटे मुद्दों पर ध्यान नहीं देना चाहते। लेकिन जब किसी अंग या संस्था का प्रमुख पहली बार राज्य में आ रहा हो, खासकर जब वह भी उसी राज्य का हो, तो उनके साथ किया गया व्यवहार सही था या नहीं, यह उन्हें स्वयं सोचना चाहिए।