महाराष्ट्र में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई एयरोस्पेस और रक्षा नीति तैयार की जाएगी। पिंपरी चिंचवाड़ के मोशी में शनिवार को आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम 'एमएसएमई डिफेंस एक्सपो' के उद्घाटन पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि पुणे ने हाल के वर्षों में रक्षा विनिर्माण के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है।
फडणवीस ने आगे कहा, 'महाराष्ट्र रक्षा विनिर्माण में देश का नेतृत्व कर रहा है। हम वायु सेना रखरखाव कमान, सेना दक्षिणी कमान, भारतीय नौसेना डॉकयार्ड, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स सुविधा, मझगांव डॉकयार्ड, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और कई डीआरडीओ प्रयोगशालाओं की मेजबानी करते हैं।'
पीएम मोदी ने देश की असली ताकत को पहचाना
डिप्टी सीएम ने कहा कि बीडीएल की मिसाइल उत्पादन सुविधा अमरावती के पास बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की असली ताकत को पहचाना। पहले भारत रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था। आज, अमेरिका, रूस, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश शक्तिशाली हैं, क्योंकि उनका रक्षा विनिर्माण ही उनकी असली ताकत है।
आज हम रक्षा क्षेत्र में बन रहे हैं आत्मनिर्भर...
फडणवीस ने आगे कहा, 'भारत को समान ताकत देने का लक्ष्य रखते हुए, मोदी जी ने 'मेड इन इंडिया' अभियान शुरू किया, जिसमें कहा गया कि भारत को हथियार निर्यात करने वाले देशों को भारत में उत्पादों का निर्माण करना होगा।' उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने विनिर्माण के साथ-साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'आज, हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं।'
उप मुख्यमंत्री बोले, '2017 में (जब वह मुख्यमंत्री थे), महाराष्ट्र एयरोस्पेस और रक्षा नीति तैयार करने वाला पहला राज्य था, जिसने एंजेल निवेश के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपये का फंड बनाया था। आज, इस फंड से 600 एमएसएमई का गठन हुआ है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'हम एमएसएमई की सफलता को बढ़ाने के लिए एक नवीनीकृत एयरोस्पेस और रक्षा नीति पेश करने के लिए उद्योग के साथ सहयोग करेंगे।'
फडणवीस ने बताया कि रक्षा विनिर्माण के लिए आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए, राज्य के उद्योग मंत्रालय ने चार क्लस्टर बनाने का निर्णय लिया है।