स्वाभिमानी शिवसेना को एक बार फिर झुकना पड़ा है। शुक्रवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। राज्य मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट की मांग करने वाली शिवसेना को बीजेपी ने टका सा जवाब दे दिया है। फिर भी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे दो राज्यमंत्री बनाने पर राजी हो गए हैं।
शुक्रवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना शामिल होगी अथवा नहीं यह सस्पेंस देर रात तक कायम रहा। सुबह मातोश्री पर उद्धव ठाकरे ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बाद में सुभाष देसाई व दिवाकर रावते वर्षा पर जाकर मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की। पर इस बैठक में भी कोई हल नहीं निकल सका।
दरअसल भाजपा अपने सहयोगी दल शिवसेना को दो राज्यमंत्री पद देना चाहती है। जबकि शिवसेना दो राज्यमंत्री पद के साथ एक कैबिनेट मंत्री पद भी चाह रही थी। पर भाजपा के इंकार के बाद रात में उद्धव दो राज्यमंत्री पद पर तैयार हो गए।
राज्यपाल सी विद्यासागर राव सुबह 9 बजे नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उससे पहले बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गहमागहमी जारी रही। बीजेपी का फाइनल निर्णय होने के बाद शिवसेना रात में मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने के लिए तैयार हो गई।
सूत्रों के अनुसार 9 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसमें शिवसेना के दो विधायक शामिल हैं। मंत्रिमंडल बिस्तर में बीजेपी इस बार छोटे सहयोगी दल को भी शामिल करेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस मंत्री पद की शपथ लेने वाले संभावित विधायकों के साथ रात 8 बजे सरकारी आवास वर्षा पर बैठक की।
इस बैठक में स्वाभिमान शेतकरी संगठन के सदाभाऊ खोत, राष्ट्रीय समाज पार्टी के महादेव जानकर, भाजपा के जयकुमार रावल, सुभाष देशमुख, मदन येरावर, पांडुरंग फुंडकर, संभाजी पाटिल निलंगेकर शिक्षामंत्री विनोद तावडे व पीडब्लूडी मंत्री चंद्रकांत पाटिल मौजूद रहे।
लेकिन, इस बैठक में शिवसेना की तरफ से किसी नेता ने हिस्सा नहीं लिया। बाद में उद्धव ने शिवसेना के मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने की घोषणा की।