मीडिया में नौकरी से एचसीएल प्रमुख तक चुनौतीपूर्ण सफर
दिल्ली में स्कूली शिक्षा के बाद रोशनी ने अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया और सीएनबीसी चैनल में इंटर के बाद लंदन के स्काईज न्यूज में बतौर प्रोड्यूसर काम किया। पिता के कहने पर 2008 में भारत लौट आई और कंपनी में हाथ बंटाने के लिए अमेरिका के केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से प्रबंधन के गुर सीखे। एचसीएल ज्वाइन करने से पहले उन्होंने अन्य कंपनियों में भी काम किया। 2009 में ही उन्हें एचसीएल कॉर्पोरेशन का कार्यकारी निदेशक और सीईओ बना दिया। 2013 में एचसीएल टेक के बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक बनाया चेयर पर्सन बनने से पहले ही रोशनी कंपनी के फैसलों में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उनके पति शिखर मल्होत्रा एचसीएल हेल्थकेयर के वाइस चेयरमैन हैं।
सामाजिक छवि... यूपी में गरीब बच्चों को दे रहीं मुफ्त शिक्षा
रोशनी नाडर ने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए विद्याज्ञान लीडरशिप अकादमी बनाई है। यह संस्था पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर में ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती है। उनका लक्ष्य तकनीक के जरिए शिक्षा को खत्म करना है। रोशनी शिव नाडर फाउंडेशन के एस एस एन इंस्टीट्यूट स्कूल किरन नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट्स के जरिए कला संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही हैं। वन्यजीव और संरक्षण के प्रति रुचि रखने वाली रोशनी ने 2018 में हैवीटेट्स ट्रस्ट बनाया जिसका वन्यजीव और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा है।
इन जिम्मेदारियों से रोशनी बढ़ाएंगी एचसीएल की चमक
- एचसीएल कॉरपोरेशन की चेयर पर्सन सीईओ और कार्यकारी निदेशक
- एचसीएल सीएसआर कमेटी की चेयरपर्सन
- शिव नादर फाउंडेशन की ट्रस्टी
- ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने वाले विद्याज्ञान अकादमी की चेयरपर्सन
उपलब्धियां
- 2014-19 तक वर्ल्ड इकोनामिक फोरम ने यंग ग्लोबल लीडर्स चुनाव
- 2018 में फोर्ब्स ने दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं में शामिल किया
- 2019 में फोरेसिस ने इंडियन बिजनेस लीडर चुना
- 2015 में यूएन ने वैश्विक इनोवेशन सम्मेलन में वर्ल्ड मोस्ट इनोवेटिव पीपुल का अवार्ड दिया
नौकरी छोड़ खड़ी की 1.70 लाख करोड़ की कंपनी
तमिलनाडु के थूडुकुटी जिले में जन्मे शिव नाडर ने पीएसजी कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी कोयंबटूर से इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री हासिल की। 1967 में पुणे के बालचंद ग्रुप ऑफ इंजीनियरिंग से करियर शुरू किया। कुछ समय बाद नौकरी छोड़ पांच दोस्तों के साथ टेलीडिजिटल केलकुलेटर बेचना शुरू किया। 1976 में हिंदुस्तान कंप्यूटर लिमिटेड (एचसीएल) शुरू किया और 4 साल बाद सिंगापुर में शाखा खोलकर इसे वैश्विक कंपनी बना दिया। 1982 में कंपनी ने अपना पहला पीसी बाजार में उतारा। इसके बाद तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज एचसीएल टेक 9.9 अरब डॉलर की वैश्विक कंपनी है और 40 से अधिक देशों में कारोबार करती है। समूह का कुल मूल्यांकन करीब 1.7 करोड़ है।
हम ऐसे दौर में हैं जहां संस्थानों और दुनिया भर के लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे भी बिजनेस को बढ़ावा मिला है, क्योंकि मुश्किल दौर बदलाव के लिए प्रोत्साहित करता है। एचसीएल अपने ग्राहकों को नए माहौल में ढलने में मदद कर रहा है।
-शिव नादर, पूर्व चेयरमैन, एचसीएल