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Fact Check: ईरान में मोबाइल की फ्लैश लाइट के साथ सड़कों पर उतरे लाखों लोगों की भीड़ का वीडियो एआई से बना

Tue, 13 Jan 2026 06:38 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में लाखों लोगों की भीड़ मोबाइल फ्लैश लाइट के साथ सड़क पर नजर आ रही है। वीडियो को असली बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो एआई से बना निकला है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ईरान में बढ़ती महंगाई और गहराते आर्थिक संकट के चलते लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें रात के अंधेरे में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर फ्लैश लाइट जलाते हुए प्रदर्शन करते दिखाई देते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो ईरान का है और मौजूदा हालात से जुड़ा हुआ है। यूजर्स इस वीडियो को ईरान में सरकार के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश और आर्थिक परेशानियों का प्रतीक बताकर शेयर कर रहे हैं।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो असल नहीं है बल्कि एआई के माध्यम से बनाया गया है। यह वीडियो हमें इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11 जनवरी को पोस्ट मिला। इस यूजर ने जानकारी दी है कि तेहरान में हो रहे प्रदर्शनों से प्रेरित होकर वीडियो को AI की मदद से बनाया है।

क्या है दावा  

सड़कों पर मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर लोगों की भीड़ के एक वीडियो को शेयर करके ईरान में असली घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है। 

Idressitalian नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “सभी की नज़रें ईरान पर हैं, सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या को छिपाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद कर दीं, लेकिन सभी ने यह दिखाने के लिए अपने फ़ोन की लाइट का इस्तेमाल किया कि वे वहां मौजूद हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो elnaz555 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 11 जनवरी 2026 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था “सभी की नज़रें ईरान पर। ईरान में हो रहे मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को एक डिजिटल श्रद्धांजलि।

हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें तेहरान की अंधेरी सड़कों पर भारी भीड़ दिख रही है, जो सरकार द्वारा उनकी संख्या छिपाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद करने के बाद अपने सेलफोन की लाइट जला रहे हैं। उस पल ने मुझे AI का इस्तेमाल करके कला के ज़रिए उस दृश्य को फिर से बनाने के लिए प्रेरित किया। यह कलाकृति असलियत की जगह नहीं ले सकती! यह उसका एक प्रतिबिंब है, एक ऐसा तरीका जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोग देख सकें कि क्या हो रहा है, खासकर जब से पिछले 4 दिनों से पूरा देश डिजिटल ब्लैकआउट में है। आप इंस्टाग्राम पर “Iran Protests 2026” सर्च करके असली वीडियो देख सकते हैं।”

इसके अलावा, हमने वायरल वीडियो की जांच AI डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन पर की। हमारी जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि इसे AI द्वारा बनाया गया है।

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो असली नहीं है बल्कि एआई के माध्यम से बनाया गया है। 





 
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