भारत के कई बड़े न्यूज चैनलों ने बुधवार को पाकिस्तान का एक वीडियो इस दावे के साथ दिखाया कि पाकिस्तान आर्मी के एक बड़े अफसर ने बालाकोट हमले में 200 लोगों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। टीवी चैनलों पर आने से पहले ये वीडियो हमें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होता हुआ मिला था। फेसबुक के कुछ क्लोज ग्रुप्स में इस वीडियो को 'भारतीय वायु सेना के बालाकोट हमले के सबूत' के तौर पर शेयर किया गया है।
केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है, "हिंदुस्तान की सेना के शौर्य पर पाकिस्तान रो रहा है। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है और देश के गद्दार हमारी सेना को अपमानित कर रहे हैं और सबूत मांग रहे हैं।" कुछ यू-ट्यूब चैनलों के अलावा 'मोदीनामा' और 'अच्छे दिन' जैसे कई फेसबुक पन्ने हैं जहां इस वीडियो को शेयर किया गया है और लाखों बार इस वीडियो को देखा जा चुका है।
टीवी चैनलों पर दिखाये जाने के बाद ये वीडियो तेजी से फैला है और इसे व्हॉट्सऐप पर भी 'बालाकोट के सबूत' के तौर पर शेयर किया जा रहा है। बीबीसी को अपने कई पाठकों से यह वीडियो मिला है और उन्होंने इसकी सत्यता जाननी चाही है। वीडियो की पड़ताल में हमने पाया है कि इसमें दिख रहे पाकिस्तानी आर्मी अफसर ने कहीं भी बालाकोट हमले में 200 लोगों के मरने की बात स्वीकार नहीं की है।
200 नहीं, सिर्फ एक शख्स की मौत!
पाकिस्तान में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्ला यूसुफजई से जब हमने इस वीडियो के बारे में बात की तो उन्होंने वीडियो से जुड़ीं दो चीजें बताईं। पहली ये कि वीडियो में जो लोग आर्मी अफसर से बात कर रहे हैं, खासतौर पर पाकिस्तानी अफसर के बगल में खाट पर बैठे बुजुर्ग, वो पश्तो बोल रहे हैं और खैबर पख्तूनख्वा के मानसेरा-बालाकोट इलाके में हिंदको भाषा बोली जाती है।
दूसरी बात ये कि जो पाकिस्तानी अफसर लोगों से बात कर रहे हैं, उन्हें सुनकर लगता है कि वो 200 लोगों के मरने की नहीं, बल्कि 200 लोगों में से किसी एक शख्स के मरने की बात कर रहे हैं। वायरल वीडियो के पहले 17 सेकेंड में वो कहते हैं, "... इसीलिए हम आये हैं कि हम सब का ईमान है कि जो हुकूमत के साथ खड़े होकर लड़ाई करता है, वो जिहाद है।"
इसके बाद आर्मी अफसर तीन बच्चों से मुलाकात करते हैं और 49वें सेकेंड से उन्हीं की आवाज फिर सुनाई देती है:
"ये रुतबा कुछ ही लोगों को नसीब होता है। ये हरेक बंदे को नसीब नहीं होता। आपको पता है कि कल दो सौ बंदा ऊपर (पहाड़ पर) गया था। इसके नसीब में लिखी हुई थी शहादत। हमारे नसीब में नहीं लिखी हुई थी। हम रोजाना चढ़ते हैं। जाते हैं, आते हैं। लेकिन शहादत उन्हीं को नसीब होती है जिनपर अल्लाह की खास नजर होती है।"
49वें सेकेंड के बाद जो आवाज सुनाई देती है वो सुनने में तो उन्हीं आर्मी अफसर की लगती है, लेकिन इस दौरान उनके हाव-भाव और आवाज मेल नहीं खाते। ऐसा लगता है कि उनकी आवाज का ये हिस्सा एडिटिंग की मदद से वीडियो में जोड़ा गया है।
बहरहाल, वायरल वीडियो में उन्हें सुनकर कहीं से भी ये अर्थ नहीं निकलता कि '200 लोगों की मौत हुई है'। लेकिन भारत में इस वीडियो को यह कहते हुए शेयर किया जा रहा है कि पाकिस्तानी अफसर ने 200 लोगों के मरने की बात स्वीकार की।