सोशल मीडिया सहित कई जगह इस तरह की चर्चा चल रही है कि गर्मी बढ़ने के साथ कोरोना का वायरस अपने आप खत्म हो जाएगा। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस सवाल के सही जवाब के लिए अभी कुछ समय तक इंतजार करना पड़ेगा।
थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में तापमान न्यूनतम 27 डिग्री से लेकर अधिकतम 37 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन इन जगहों पर अभी भी कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं। इससे अधिक तापमान में कोरोना के वायरस के व्यवहार का अध्ययन करना अभी बाकी है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में माइक्रोबॉयोलोजी की विशेषज्ञ डॉक्टर ज्योत्सना ने अमर उजाला को बताया कि अभी तक इस सवाल का बिल्कुल सटीक जवाब नहीं मिला है। गर्मी बढ़ने के साथ कई वायरस निष्क्रिय पड़ जाते हैं।
लेकिन इसके सही जवाब के लिए तापमान 38-40 डिग्री या उससे ज्यादा होने तक का इंतजार करना पड़ सकता है। कई वायरस समय के साथ अपने स्वरुप में बदलाव भी कर लेते हैं, इसलिए कोरोना के वायरस किस प्रकार का व्यवहार करते हैं, इसका अध्ययन होना बाकी है।
क्यों हो रही चर्चा
दरअसल, कोई भी वायरस सामान्य तापमान पर बहुत सक्रिय रहते हैं। लेकिन बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंड में ये सुस्त पड़ जाते हैं। तापमान बढ़ने पर वे स्वयं को एक खोल में ढक लेते हैं और निष्क्रिय हो जाते हैं। उनके मुताबिक सही वातावरण मिलने पर वे सक्रिय हो जाते हैं और अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं।
थाईलैंड और सिंगापुर में ये हाल
थाईलैंड और सिंगापुर में पिछले 15 दिनों में तापमान न्यूनतम 26-27 डिग्री से लेकर अधिकतम 37 डिग्री के आसपास बना हुआ था। लेकिन इसके बावजूद दोनों ही जगहों पर कोरोना के नए मामले सामने आए हैं।
थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक वहां कोरोना के 11 नए मामले सामने आए हैं। अब कुल केसों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है। यहां पहला मामला जनवरी में सामने आया था।
इसी प्रकार सिंगापुर में कोरोना के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 187 हो गई है। इसमें नौ मामले गुरुवार को सामने आए हैं। पीड़ितों में पांच बाहरी जगहों से आए हुए हैं। कुल पीड़ितों में नौ गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि इसी मामले में अच्छी खबर है कि 96 लोगों को पूरी तरह स्वस्थ कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है।